📅 18 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक
- पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व
- आरती का पाठ करने से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति
📋 इस खबर में क्या है
कल, 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो रहा है, जो 27 मार्च तक चलेगा। यह पावन पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना को समर्पित है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि हिमालयराज के घर पुत्री रूप में जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। मां वृषभ (बैल) पर सवार होती हैं, उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल है। उन्हें सती के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वे सती मां का ही दूसरा रूप हैं। मां शैलपुत्री का विवाह भगवान शंकर के साथ हुआ था।
मां शैलपुत्री की पूजा विधि
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है। भक्त कलश स्थापना करते हैं और मां का आह्वान करते हैं। इस दौरान माता की आरती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि पूजा के समय आरती पढ़ने से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
मां शैलपुत्री की आरती (Mata Shailputri Aarti Lyrics in Hindi)
शैलपुत्री मां बैल असवार।
करें देवता जय जयकार।।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
जय गिरिराज किशोरी अंबे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।
आरती का महत्व
मां शैलपुत्री की आरती का पाठ करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। यह आरती मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करने का एक माध्यम है। नवरात्रि के पहले दिन इस आरती का पाठ करके मां शैलपुत्री का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। आजकल सोशल मीडिया पर भी यह आरती खूब वायरल हो रही है, जिसे भक्त आपस में साझा कर रहे हैं। यह त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है और इस दौरान कई तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में लोग मां शैलपुत्री की महिमा का गुणगान करते नजर आ रहे हैं।
निष्कर्ष: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा और आरती का विशेष महत्व है। मां शैलपुत्री की आरती का पाठ करके भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर चैत्र नवरात्रि के महत्व और मां शैलपुत्री की पूजा विधि पर प्रकाश डालती है। यह त्योहार भारत में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है और इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह खबर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो नवरात्रि के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और मां शैलपुत्री की पूजा विधि जानना चाहते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ चैत्र नवरात्रि कब शुरू हो रही है?
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है और 27 मार्च तक चलेगी।
❓ नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा की जाती है?
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
❓ मां शैलपुत्री का वाहन क्या है?
मां शैलपुत्री का वाहन वृषभ (बैल) है।
❓ मां शैलपुत्री के दाएं और बाएं हाथ में क्या है?
मां शैलपुत्री के दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल है।
❓ मां शैलपुत्री की आरती का क्या महत्व है?
मां शैलपुत्री की आरती का पाठ करने से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
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Published: 18 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

