📅 22 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- कमलेश्वर महादेव मंदिर में 7 मार्च को हुई चांदी की चोरी
- विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने चोरों को पकड़ने पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया
- गहोई समाज ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर जताया आक्रोश
📋 इस खबर में क्या है
शिवपुरी जिले के पिछोर में स्थित ऐतिहासिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी की घटना से क्षेत्र में आक्रोश है। 7 मार्च को हुई इस घटना में शिवलिंग की जलहरी पर चढ़ी 12 किलो चांदी की परत चोरी हो गई। घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे स्थानीय गहोई समाज और क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने निराशा व्यक्त की है। विधायक ने चोरों को पकड़ने के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
मंदिर में चोरी से आक्रोश
कमलेश्वर महादेव मंदिर, जो पिछोर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, में हुई इस चोरी से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। मंदिर के शिवलिंग की जलहरी से चांदी की परत को काटकर ले जाने की घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गहोई समाज, जिसने मंदिर का निर्माण कराया, पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज है। समाज ने एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें पुलिस की कार्यशैली की कड़ी निंदा की गई।
विधायक का इनाम और पुलिस पर अविश्वास
क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए चोरों को पकड़ने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। विधायक का यह कदम दर्शाता है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। समाज के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं अक्सर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।
चांदी की जलहरी का महत्व
लगभग 100 वर्ष पुराने इस मंदिर का गहोई समाज ने लाल पत्थरों से जीर्णोद्धार कराया था। समाज के सहयोग से 7 किलो चांदी की नक्काशीदार जलहरी बनवाई गई थी, जिसे शिवपुरी के कारीगरों ने बड़ी मेहनत से तैयार किया था। 1 जुलाई 2025 को इसे महादेव को समर्पित किया गया था। इस धरोहर की चोरी ने समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। इस तरह की घटनाएं राष्ट्रीय धरोहरों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं।
पुलिस का आश्वासन
बैठक में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा किया है। थाना प्रभारी नीतू सिंह ने भी सुरागों की गहराई से जांच करने का भरोसा दिलाया है। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर समिति को सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
कमलेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक द्वारा इनाम की घोषणा और समाज का आक्रोश दर्शाते हैं कि लोग जल्द से जल्द चोरों को पकड़ना चाहते हैं और मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है।
🔍 खबर का विश्लेषण
कमलेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक द्वारा इनाम की घोषणा और समाज का आक्रोश दर्शाते हैं कि लोग जल्द से जल्द चोरों को पकड़ना चाहते हैं और मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इस घटना का असर यह होगा कि लोग धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा जागरूक होंगे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ कमलेश्वर महादेव मंदिर में चोरी कब हुई?
कमलेश्वर महादेव मंदिर में चोरी 7 मार्च को हुई थी, जिसमें शिवलिंग की जलहरी पर चढ़ी चांदी की परत चोरी हो गई थी।
❓ विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने क्या घोषणा की?
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने चोरों को पकड़ने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
❓ गहोई समाज ने पुलिस की कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी?
गहोई समाज ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर नाराजगी जताई और एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें पुलिस की कार्यशैली की निंदा की गई।
❓ मंदिर की जलहरी में कितनी चांदी थी?
मंदिर की जलहरी में लगभग 7 किलो चांदी की नक्काशीदार परत थी, जिसे शिवपुरी के कारीगरों ने बड़ी मेहनत से तैयार किया था।
❓ पुलिस ने इस घटना पर क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा किया है और मंदिर समिति को सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी है।
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Published: 22 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

