📅 23 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- आज नवरात्रि का पांचवां दिन है, मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है।
- मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख और जीवन में शांति आती है।
- पूजा के अंत में मां स्कंदमाता की आरती अवश्य पढ़ें, जिससे पूजा पूर्ण मानी जाती है।
📋 इस खबर में क्या है
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन, भक्त मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं, जो मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं। मान्यता है कि मां स्कंदमाता की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। देवी चार भुजाओं वाली हैं और शेर पर सवार होती हैं। विधि-विधान से पूजन करने से प्रसन्न होकर वे संतान से जुड़ी परेशानियां दूर करती हैं और नि:संतान दंपत्तियों को संतान सुख प्रदान करती हैं। आज, 23 मार्च 2026 को, मां स्कंदमाता की आरती का पाठ अवश्य करें, क्योंकि यह पूजा को पूर्ण माना जाता है और संतान के जीवन में खुशहाली आती है।
मां स्कंदमाता की आरती (Maa Skandmata Ki Aarti Lyrics)
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता।
सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी।
तेरी जोत जलाता रहू मैं।
हरदम तुझे ध्याता रहू मै।
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा।
कही पहाडो पर है डेरा।
कई शहरों में तेरा बसेरा।
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे।
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे।
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तू ही खंडा हाथ उठाए।
दासों को सदा बचाने आयी।
भक्त की आस पुजाने आयी।
मां स्कंदमाता के सिद्ध मंत्र
मां स्कंदमाता का ध्यान मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
मां स्कंदमाता का प्रार्थना मंत्र:
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।
मां स्कंदमाता का जप मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः।
यह खबर धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है।
चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विधान है। इन दिनों माता के नौ रूपों का पूजन करने पर आदिशक्ति बहुत प्रसन्न होती हैं। मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व है। आजकल सोशल मीडिया पर यह आरती बहुत वायरल हो रही है और लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं। यह वायरल आरती न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि लोगों को एक साथ जोड़ने का भी काम कर रही है।
निष्कर्ष
मां स्कंदमाता की आरती का पाठ चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन विशेष फलदायी है। यह न केवल संतान सुख प्रदान करता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी लाता है। मां स्कंदमाता की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
मां स्कंदमाता की आरती और मंत्रों का महत्व इस खबर में बताया गया है। यह खबर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो नवरात्रि में मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं और संतान सुख की कामना रखते हैं। यह वायरल खबर लोगों को धार्मिक भावनाओं से जोड़ती है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ मां स्कंदमाता कौन हैं?
मां स्कंदमाता, मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं, जिनकी नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा की जाती है।
❓ मां स्कंदमाता की पूजा का क्या महत्व है?
मां स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है, और संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।
❓ मां स्कंदमाता की आरती का पाठ कब करना चाहिए?
मां स्कंदमाता की आरती का पाठ नवरात्रि के पांचवें दिन और पूजा के अंत में करना चाहिए।
❓ मां स्कंदमाता का ध्यान मंत्र क्या है?
मां स्कंदमाता का ध्यान मंत्र है: या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
❓ मां स्कंदमाता का जप मंत्र क्या है?
मां स्कंदमाता का जप मंत्र है: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः।
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Published: 23 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

