📅 24 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- यूपी सरकार का AI कंपनी के साथ 25 हजार करोड़ का MoU विवादों में
- विपक्ष ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल, सरकार ने दी सफाई
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने MoU को प्रारंभिक स्तर का बताया
📋 इस खबर में क्या है
उत्तर प्रदेश सरकार और एआई स्टार्टअप Puch-AI के बीच 25,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) पर सियासी घमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस समझौते की जानकारी साझा करने के बाद, कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि जिस कंपनी का सालाना रेवेन्यू 50 लाख रुपये से भी कम है, उसके साथ इतने बड़े समझौते पर हस्ताक्षर कैसे किए जा सकते हैं। यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि एक ऐसी कंपनी जिसका वार्षिक राजस्व 45 लाख रुपये से भी कम है, उसके साथ 25,000 करोड़ रुपये का समझौता कैसे किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के अधिकांश MoU केवल कागजों तक ही सीमित रहते हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई असर नहीं दिखता। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी Puch-AI की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं, जिसके बाद यह मामला और भी वायरल हो गया।
सरकार ने दी सफाई
विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि यह MoU प्रारंभिक स्तर का है और इसे Invest UP द्वारा संभावनाओं की जांच के लिए साइन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि MoU बाध्यकारी नहीं होता है और आगे की प्रक्रिया विस्तृत मूल्यांकन पर निर्भर करेगी। सरकार के अनुसार, यदि निवेशक तय शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो MoU स्वतः समाप्त हो जाएगा।
कंपनी का पक्ष
इस पूरे विवाद के बीच Puch-AI के को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया ने एक्स के जरिए सफाई देते हुए कहा कि कंपनी एआई सेक्टर में बड़े स्तर पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने कहा कि इस पर काम जारी है।
Puch AI क्या है?
जानकारी के मुताबिक, Puch AI वॉट्सऐप पर चलने वाला एक चैटबॉट टूल है। यह टूल भारतीय भाषाओं पर काम करता है और वॉइस बेस्ड है। इसके जरिए आप वॉट्सऐप पर ही AI का इस्तेमाल कर सकते हैं और उससे कुछ भी पूछ सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार और Puch-AI के बीच MoU को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स सरकार से इस समझौते पर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह MoU प्रारंभिक स्तर का है और आगे की प्रक्रिया मूल्यांकन पर निर्भर करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा अभी भी वायरल है।
🔍 खबर का विश्लेषण
इस खबर का असर यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है और सोशल मीडिया पर भी सरकार की आलोचना हो रही है। सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी है और भविष्य में निवेश समझौतों को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह मामला सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ Puch AI कंपनी क्या करती है?
Puch AI एक AI स्टार्टअप है जो वॉट्सऐप पर चलने वाला चैटबॉट टूल बनाता है। यह टूल भारतीय भाषाओं पर काम करता है और वॉइस बेस्ड है।
❓ विपक्ष इस MoU का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्ष का कहना है कि जिस कंपनी का सालाना रेवेन्यू 50 लाख रुपये से भी कम है, उसके साथ 25,000 करोड़ रुपये का समझौता कैसे किया जा सकता है।
❓ सरकार ने इस विवाद पर क्या सफाई दी है?
सरकार का कहना है कि यह MoU प्रारंभिक स्तर का है और आगे की प्रक्रिया मूल्यांकन पर निर्भर करेगी। यदि निवेशक तय शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो MoU स्वतः समाप्त हो जाएगा।
❓ क्या यह MoU बाध्यकारी है?
सरकार के अनुसार, यह MoU बाध्यकारी नहीं है और आगे की प्रक्रिया विस्तृत ड्यू डिलिजेंस और मूल्यांकन पर निर्भर करेगी।
❓ Puch AI के को-फाउंडर ने क्या कहा?
Puch AI के को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया ने कहा कि कंपनी एआई सेक्टर में बड़े स्तर पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है।
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Published: 24 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

