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पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का निधन, 65 वर्ष की उम्र में ली

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अंतरराष्ट्रीय
📅 29 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का निधन, 65 वर्ष की उम्र में ली - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • जनरल कमर जावेद बाजवा 2016 से 2022 तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख रहे।
  • इमरान खान और बाजवा के बीच आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति पर मतभेद था।
  • बाजवा के परिवार की संपत्ति को लेकर भी विवाद हुआ था।

पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का 65 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। फरवरी माह में अपने घर के बाथरूम में फिसलने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उन्हें रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में थे। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी भी की थी। शुरुआती तौर पर डॉक्टरों ने सर्जरी को सफल बताया था, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही।

कमर बाजवा का सैन्य करियर और इमरान खान से विवाद

जनरल कमर जावेद बाजवा 2016 से 2022 तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख रहे। रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें देश की राजनीति और सुरक्षा मामलों में प्रभावशाली माना जाता था। वे पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ विवादों के कारण भी चर्चा में रहे थे। एक समय था जब इमरान खान और बाजवा के रिश्ते काफी मधुर थे। कहा जाता था कि 2018 में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार और सेना ‘एक पेज’ पर थे, लेकिन 2021 में आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए।

आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति पर मतभेद

सेना चाहती थी कि नदीम अंजुम को तुरंत आईएसआई चीफ बनाया जाए, जबकि इमरान खान इस फैसले को टाल रहे थे। यहीं से दोनों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई। इसके बाद 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इमरान खान ने आरोप लगाया कि सेना ने उनका साथ छोड़ दिया और विपक्ष को समर्थन दिया। हालांकि, सेना ने इन आरोपों से इनकार किया। सरकार जाने के बाद इमरान खान ने खुलकर बाजवा और सेना की आलोचना शुरू कर दी थी।

बाजवा के परिवार की संपत्ति पर विवाद

कमर जावेद बाजवा के रिटायरमेंट के बाद उनके परिवार की संपत्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उनके परिवार की संपत्ति महज 6 साल में तेजी से बढ़कर अरबों में पहुंच गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बाजवा के रिश्तेदारों और करीबियों ने कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में फार्म हाउस बनाए, बिजनेस शुरू किए और विदेशों में भी प्रॉपर्टी खरीदी। इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1200 करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा बताई गई थी। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना था।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर झड़प

इस बीच, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बुधवार को फिर से झड़प हुई, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। अफगान तालिबान अधिकारियों के अनुसार, हमले में 2 नागरिक मारे गए और 8 घायल हुए, जबकि पाकिस्तान का भी एक नागरिक मारा गया। ईद पर 5 दिन का युद्धविराम खत्म होने के बाद हिंसा फिर शुरू हो गई। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है।

निष्कर्ष

जनरल कमर जावेद बाजवा का निधन पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए और उनके फैसलों का देश की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनके निधन के बाद पाकिस्तान में शोक की लहर है।

🔍 खबर का विश्लेषण

जनरल बाजवा का निधन पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके कार्यकाल में हुए फैसलों का देश की राजनीति पर गहरा असर हुआ। उनके निधन से पाकिस्तान की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच उनकी विरासत को लेकर बहस जारी रहेगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ कमर जावेद बाजवा कौन थे?

कमर जावेद बाजवा पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख थे। वे 2016 से 2022 तक इस पद पर रहे। उनका पाकिस्तान की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव था।

❓ इमरान खान और बाजवा के बीच विवाद का क्या कारण था?

इमरान खान और बाजवा के बीच आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर विवाद था। सेना नदीम अंजुम को आईएसआई चीफ बनाना चाहती थी, जबकि इमरान खान इस फैसले को टाल रहे थे।

❓ बाजवा के परिवार की संपत्ति को लेकर क्या विवाद था?

एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बाजवा के परिवार की संपत्ति महज 6 साल में तेजी से बढ़कर अरबों में पहुंच गई थी, जिसके बाद उनकी संपत्ति पर विवाद हुआ था।

❓ अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर झड़प क्यों हुई?

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर ईद पर 5 दिन का युद्धविराम खत्म होने के बाद झड़प फिर शुरू हो गई। इस क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

❓ बाजवा का पाकिस्तान की राजनीति पर क्या प्रभाव था?

बाजवा का पाकिस्तान की राजनीति पर गहरा प्रभाव था। उनके फैसलों ने देश की राजनीति को कई तरह से प्रभावित किया। वे एक शक्तिशाली व्यक्ति थे।

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Published: 29 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

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