📅 29 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- शर्मिला ने अमरावती को राजधानी बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
- उन्होंने केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने की मांग की।
- उन्होंने नायडू सरकार पर वित्तीय प्रतिबद्धताओं को लेकर सवाल उठाए।
📋 इस खबर में क्या है
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी ने अमरावती को राज्य की राजधानी का वैधानिक दर्जा देने वाले विधानसभा प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट वित्तीय प्रतिबद्धताओं के अभाव और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत केंद्र सरकार के दायित्वों को लेकर चिंता जताई है। शर्मिला ने 28 मार्च, 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में यह बात कही। उनका कहना है कि अमरावती की वैधानिक वैधता की पुष्टि करने वाला विधानसभा प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन केंद्र से वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल
शर्मिला ने केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 5 में संशोधन का अनुरोध करने को एक उचित कदम बताया है। लेकिन, उन्होंने धारा 94(3) के तहत निधि प्राप्त करने में तत्परता की कमी पर सवाल उठाया है। यह धारा केंद्र सरकार को राजधानी के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का आदेश देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वित्तीय प्रतिबद्धताओं की मांग किए बिना धारा 5 (उपधारा 2) में अमरावती में शब्द जोड़ना पर्याप्त है? क्या यह उत्साह धारा 94(3) के तहत अमरावती के लिए निधि की मांग तक नहीं फैलता? क्या अमरावती को केवल एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से ही वास्तव में साकार किया जा सकता है?
क्या केंद्र सरकार निभा रही है जिम्मेदारी?
शर्मिला ने आगे सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार ने केंद्र को पर्याप्त रूप से जवाबदेह ठहराया है। उन्होंने कहा कि क्या आपको इस बात की जानकारी नहीं है कि नई राजधानी के निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है? उन्होंने उन प्रावधानों का हवाला दिया जिनके अनुसार केंद्र सरकार को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करानी होगी। शर्मिला ने प्रतीकात्मक कार्यों की आलोचना करते हुए कहा कि क्या हम श्री मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भेंट किए गए एक घड़े पानी और एक टोकरी मिट्टी से ही संतुष्ट हो जाएं? बिलकुल नहीं। अमरावती के निर्माण की अनुमानित 1 लाख करोड़ रुपये की लागत नागरिकों पर थोपने के खिलाफ चेतावनी देते हुए उन्होंने पूछा, क्या हम सारा बोझ जनता पर डाल देंगे? और गठबंधन सरकार से विधानसभा में अपना पक्ष स्पष्ट करने का आह्वान किया। यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है जिस पर सभी राजनीतिक दलों को ध्यान देना चाहिए।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
उनकी ये टिप्पणियां विपक्षी युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी की आलोचना के बीच आई हैं, जिसने प्रस्ताव को राजनीतिक नाटक बताया है। पार्टी नेता सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने आरोप लगाया कि यह कदम जनता का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से उठाया गया है और ऐसे प्रस्ताव की आवश्यकता पर सवाल उठाया। इस राष्ट्रीय परिदृश्य में, विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाना आवश्यक है ताकि राज्य का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
वाईएस शर्मिला का अमरावती राजधानी के मुद्दे पर नायडू सरकार पर हमला एक गंभीर बहस को जन्म देता है। उन्होंने केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता और राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या अमरावती को वास्तव में एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित किया जा सकेगा। यह राष्ट्रीय हित का विषय है, और इस पर सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
🔍 खबर का विश्लेषण
वाईएस शर्मिला का यह बयान आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। उन्होंने अमरावती के मुद्दे को फिर से जीवित कर दिया है और सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर किया है। देखना होगा कि इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ अमरावती को राजधानी बनाने का प्रस्ताव क्या है?
यह प्रस्ताव अमरावती को आंध्र प्रदेश की वैधानिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए विधानसभा में पारित किया गया है।
❓ वाईएस शर्मिला ने इस प्रस्ताव पर क्या कहा?
उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता और राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
❓ विपक्षी दलों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव को राजनीतिक नाटक बताया है और जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
❓ केंद्र सरकार की भूमिका क्या है?
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत, केंद्र सरकार को राजधानी के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करनी है।
❓ इस मुद्दे का भविष्य क्या है?
यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या अमरावती को वास्तव में एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
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Published: 29 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

