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भोपाल: विधायक आरिफ मसूद पर वंदे मातरम से परहेज का आरोप

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राष्ट्रीय
📅 06 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
भोपाल: विधायक आरिफ मसूद पर वंदे मातरम से परहेज का आरोप - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर वंदे मातरम न गाने का आरोप लगाया।
  • सूर्यवंशी ने कहा कि मसूद वोट बैंक की राजनीति के लिए धार्मिक दिखावा करते हैं, पर राष्ट्रगीत से कतराते हैं।

भोपाल, 6 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। ताजा मामला भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से जुड़ा है, जिन पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सूर्यवंशी का कहना है कि मसूद वोट बैंक की राजनीति के लिए धार्मिक दिखावा करते हैं, लेकिन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाने से कतराते हैं।

सूर्यवंशी का हमला: ढोंग की राजनीति

यह पूरा मामला रविवार को वार्ड-51, शाहपुरा में एक पार्क और सीमेंट क्रांकीट सड़क के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सामने आया। सूर्यवंशी ने मंच से बोलते हुए कहा कि कुछ नेता सिर्फ वोट पाने के लिए जनता को बेवकूफ बनाते हैं। उन्होंने कहा, “ये बड़े दुर्भाग्य की बात है कि कुछ नेता वोट की राजनीति के लिए ढोंग करते हैं।”

सूर्यवंशी ने आगे कहा कि जब चुनाव नजदीक आते हैं, तो यही नेता तिलक लगवाते हैं, आरती करते हैं और माता की चुनरी भी ओढ़ लेते हैं। लेकिन जैसे ही वे विधायक बन जाते हैं, उनकी निष्ठा बदल जाती है। वे राष्ट्र की आन-बान-शान ‘वंदे मातरम’ गाने से भी इनकार कर देते हैं। सूर्यवंशी ने जनता से अपील की कि अगली बार मध्य विधानसभा का नेतृत्व किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपें, जो राष्ट्रवाद की विचारधारा को सर्वोपरि रखे। उस कार्यक्रम में भोपाल संगठन प्रभारी जसवंत सिंह हाड़ा और विकास विरानी भी मौजूद थे।

कांग्रेस में मसूद का बढ़ता कद, विवादों से नाता

वैसे, ये पहली बार नहीं है जब आरिफ मसूद विवादों में घिरे हैं। फरवरी में बुरहानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी ही पार्टी को चेतावनी दे डाली थी। उनका कहना था कि अगर कांग्रेस अल्पसंख्यकों के साथ नहीं खड़ी हुई तो चुनाव में उन्हें घर बैठा दिया जाएगा। उनकी इस बात को दिल्ली के कई अखबारों ने प्रमुखता से छापा था।

पर इन सबके बावजूद कांग्रेस में आरिफ मसूद का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की अल्पसंख्यक विभाग की एडवाइजरी काउंसिल में शामिल किया गया है। उनके राजनीतिक जीवन में ये पहला मौका है जब उन्हें कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की लिस्ट में जगह मिली है। लेकिन, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ ही उन पर सवाल भी उठने लगे हैं।

वंदे मातरम पर क्यों है विवाद?

भारत में वंदे मातरम को लेकर अक्सर राजनीतिक बहस छिड़ी रहती है। कुछ लोग इसे देशप्रेम का प्रतीक मानते हैं, तो कुछ का मानना है कि इसे गाना धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। इस गाने को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं, और अब आरिफ मसूद के मामले ने इस बहस को फिर से हवा दे दी है।

आगे क्या होगा?

देखना होगा कि आरिफ मसूद इन आरोपों पर क्या सफाई देते हैं। फिलहाल, इस मुद्दे ने मध्य प्रदेश की राजनीति में गर्मी ला दी है। राष्ट्रीय स्तर पर इस खबर का असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी के लिए ये एक मुश्किल स्थिति है, क्योंकि उसे एक तरफ अपने नेता का बचाव करना है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय भावनाओं का भी ध्यान रखना है। इस पूरे घटनाक्रम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

क्या ये सिर्फ राजनीतिक स्टंट है?

कुछ लोगों का मानना है कि किशन सूर्यवंशी ने ये आरोप सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए लगाए हैं। उनका मकसद आरिफ मसूद की छवि को खराब करना है, ताकि आने वाले चुनावों में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। वहीं, कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि सूर्यवंशी ने राष्ट्रीय मुद्दे को उठाकर सही किया है, क्योंकि वंदे मातरम का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है।

🔍 खबर का विश्लेषण

आरिफ मसूद पर लगे आरोपों से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करेगी। वहीं, मसूद की सफाई से शायद ही लोगों को संतुष्टि मिले, क्योंकि वंदे मातरम एक संवेदनशील मुद्दा है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ आरिफ मसूद पर क्या आरोप है?

उन पर आरोप है कि वे वोट बैंक की राजनीति के लिए धार्मिक दिखावा करते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से कतराते हैं।

❓ ये आरोप किसने लगाए हैं?

ये आरोप नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में लगाए थे।

❓ आरिफ मसूद ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

आरिफ मसूद की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबकी निगाहें उनकी सफाई पर टिकी हैं।

❓ क्या वंदे मातरम गाना अनिवार्य है?

कानूनी रूप से वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसे देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता है।

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Published: 06 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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