📅 07 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- ललित मोदी का दावा, BCCI और IPL टीमों को हर साल हो रहा है 1200 करोड़ का नुकसान।
- पुराने होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर वापस लौटने से नुकसान की भरपाई हो सकती है: ललित मोदी।
📋 इस खबर में क्या है
नई दिल्ली, मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 — IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और IPL टीमों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि BCCI और IPL टीमों को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। आप सोच रहे होंगे, कितना नुकसान? चलिए, आपको बताते हैं।
क्या है ललित मोदी का दावा?
ललित मोदी के अनुसार, BCCI को सालाना लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं, IPL की जो अलग-अलग टीमें हैं, उन्हें भी हर साल इतना ही नुकसान झेलना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि आखिर यह नुकसान क्यों हो रहा है? ललित मोदी का कहना है कि BCCI शुरू में तय किए गए फॉर्मेट का सही तरीके से पालन नहीं कर रही है। उनका मानना है कि अगर बोर्ड इस नुकसान की भरपाई करना चाहता है तो उसे पुराने होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर वापस लौटना होगा।
दरअसल, IPL का जो मूल फॉर्मेट था, उसके अनुसार हर टीम को एक-दूसरे के साथ दो बार खेलना था—एक बार अपने घर में और एक बार विरोधी टीम के घर में। 2022 में जब लीग में टीमों की संख्या 10 तक बढ़ाई गई, तो उस स्ट्रक्चर के हिसाब से लीग स्टेज में 90 मैच होने चाहिए थे, जिसके बाद चार नॉकआउट मैच खेले जाते। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है।
फॉर्मेट में बदलाव से नुकसान
IPL में होम-एंड-अवे सिस्टम में बदलाव करके सिर्फ 74 मैचों के साथ लीग को जारी रखा गया है। इसमें टीमों को 7 मैच अपने घर में और 7 मैच दूसरे टीम के घर में खेलने को मिलते हैं। ललित मोदी का कहना है कि हर मैच के लिए BCCI को 50% रेवेन्यू मिलता है, और बाकी 50% टीमों में बांटा जाता है। इस बदलाव की वजह से टीमें अब 20 मैच कम खेल रही हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि टीमों को जो फीस देनी पड़ रही है, उसे देखते हुए यह एक कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी है कि उन्हें होम एंड अवे मैच खेलने को मिलें। होम एंड अवे फॉर्मेट ही असली वैल्यू है। उनका कहना है कि अगर कैलेंडर में जगह नहीं है, तो टीमों की संख्या बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। यह एक सीधी सी बात है, लेकिन BCCI इसे समझ नहीं रहा है। अब देखना यह है कि BCCI इस पर क्या फैसला लेता है—क्या वो पुराने फॉर्मेट पर वापस लौटेंगे या नहीं?
आगे क्या होगा?
ललित मोदी इस बात से जरूर खुश हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) दोनों टीमें लगभग 31000 करोड़ रुपये में बिकी हैं। ये दर्शाता है कि IPL की वैल्यू कितनी ज्यादा है। लेकिन, उनका मानना है कि अगर सही फॉर्मेट का पालन किया जाए तो यह वैल्यू और भी बढ़ सकती है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह जानना जरूरी है कि ललित मोदी के ये दावे IPL के भविष्य को किस दिशा में ले जाते हैं।
क्रिकेट की दुनिया में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या BCCI ललित मोदी की बातों पर ध्यान देगा, या अपने मौजूदा फॉर्मेट के साथ ही आगे बढ़ेगा? यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है—अगर BCCI ने सही कदम नहीं उठाए, तो IPL और टीमों को भारी नुकसान होता रहेगा।
🔍 खबर का विश्लेषण
ललित मोदी के इस दावे का IPL पर बड़ा असर हो सकता है। अगर BCCI उनकी बातों पर ध्यान देता है, तो फॉर्मेट में बदलाव हो सकता है, जिससे टीमों को ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा और उनकी कमाई भी बढ़ेगी। पर अगर BCCI ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो टीमों को नुकसान होता रहेगा, जिसका असर IPL की लोकप्रियता पर भी पड़ सकता है। यह क्रिकेट जगत में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ ललित मोदी के अनुसार BCCI को कितना नुकसान हो रहा है?
ललित मोदी के अनुसार, BCCI को सालाना लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, क्योंकि वो IPL के शुरूआती फॉर्मेट का पालन नहीं कर रहे हैं।
❓ ललित मोदी किस फॉर्मेट को वापस लाने की बात कर रहे हैं?
ललित मोदी होम-एंड-अवे फॉर्मेट को वापस लाने की बात कर रहे हैं, जिसमें हर टीम एक-दूसरे के साथ दो बार खेलती थी—एक बार अपने घर में और एक बार विरोधी टीम के घर में।
❓ इस खबर का IPL टीमों पर क्या असर होगा?
अगर BCCI ललित मोदी की बातों पर ध्यान देता है, तो IPL टीमों को ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी। अगर नहीं, तो उन्हें नुकसान होता रहेगा।
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Published: 07 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

