📅 08 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- NCERT ने पाठ्यक्रम समिति का पुनर्गठन किया, सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद लिया फैसला।
- कक्षा 8 की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ पर विवाद के बाद हुआ बदलाव।
- नई 20 सदस्यीय समिति अब पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करेगी, पहले वाली समिति में थे विवाद।
📋 इस खबर में क्या है
स्कूल की किताबों में क्या पढ़ाया जाएगा, ये सवाल आजकल हर तरफ है। और हो भी क्यों ना? आखिर बच्चों का भविष्य इसी पर तो टिका है। खबर ये है कि एनसीईआरटी (NCERT) ने अपने पाठ्यक्रम समिति में बड़ा बदलाव किया है। ये बदलाव ऐसे ही नहीं हुआ, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट की फटकार है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर माजरा क्या है? चलिए, आपको बताते हैं।
विवादों के बाद बदलाव
दरअसल, एनसीईआरटी की कक्षा 8 की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ को लेकर विवाद हो गया था। इस पर काफी हंगामा मचा, लोगों ने सवाल उठाए कि बच्चों को ऐसी चीजें क्यों पढ़ाई जा रही हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने एनसीईआरटी को फटकार लगाई और कहा कि इस पर ध्यान दो। इसके बाद एनसीईआरटी हरकत में आई।
एनसीईआरटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पाठ्यक्रम समिति का पुनर्गठन कर दिया। पहले वाली समिति में कुछ गड़बड़ थी, यही वजह है कि उसे बदला गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीन सदस्यों को हटा दिया गया है। अब नई 20 सदस्यीय समिति पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करेगी। यानी, अब ये 20 लोग मिलकर तय करेंगे कि बच्चों को क्या पढ़ना है और क्या नहीं। ये एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि देश के भविष्य को आकार देने का काम इन्हीं के हाथों में है।
नई समिति, नई उम्मीदें
अब सवाल ये है कि इस नई समिति से क्या उम्मीदें हैं? सबसे बड़ी उम्मीद तो यही है कि ये समिति ऐसी किताबें बनाएगी, जो बच्चों को सही जानकारी दें। ऐसी जानकारी, जो उन्हें बेहतर नागरिक बनने में मदद करे। ऐसी जानकारी, जो उन्हें देश और दुनिया को समझने में मदद करे। शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं होता, बल्कि बच्चों को सोचने-समझने और सवाल करने की क्षमता देना भी होता है। और ये तभी हो सकता है, जब उन्हें सही चीजें पढ़ाई जाएं।
आगे क्या होगा?
ये देखना दिलचस्प होगा कि ये नई समिति किस तरह से काम करती है और किस तरह की किताबें बनाती है। ये भी देखना होगा कि क्या ये समिति सभी पक्षों को साथ लेकर चलती है या नहीं। क्योंकि, शिक्षा के मामले में सभी की राय मायने रखती है। माता-पिता, शिक्षक, छात्र और समाज – सबकी। अगर ये समिति सभी को साथ लेकर चलती है, तो उम्मीद है कि बेहतर नतीजे आएंगे।
वैसे, ये बदलाव एक अच्छा संकेत है। ये दिखाता है कि अगर कोई गड़बड़ होती है, तो उसे ठीक किया जा सकता है। ये दिखाता है कि अगर कोई सवाल उठाता है, तो उसकी बात सुनी जा सकती है। और ये दिखाता है कि बदलाव हमेशा संभव है। लेकिन, असली इम्तिहान तो अब शुरू होगा। अब देखना है कि ये नई समिति क्या गुल खिलाती है। — जो कि उम्मीद से अलग है — क्या ये शिक्षा के क्षेत्र में कोई नया बदलाव ला पाती है? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
क्या बदलेगा?
मेरा मानना है कि अब पाठ्यक्रम में ज्यादा प्रैक्टिकल चीजों पर जोर दिया जाएगा। सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। बच्चों को ऐसी चीजें सिखाई जाएंगी, जो उनके असल जीवन में काम आएं। जैसे, उन्हें वित्तीय साक्षरता (financial literacy) सिखाई जाएगी, ताकि वे पैसे का सही इस्तेमाल करना सीख सकें। उन्हें साइबर सुरक्षा (cyber security) के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें। और उन्हें पर्यावरण के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपने ग्रह को बचाने में मदद कर सकें। ये सब बहुत जरूरी है, और मुझे उम्मीद है कि नई समिति इस पर ध्यान देगी।
🔍 खबर का विश्लेषण
ये बदलाव दिखाता है कि सिस्टम में जवाबदेही है। अगर कोई गलती होती है, तो उसे सुधारा जा सकता है। लेकिन, असली चुनौती तो अब है। नई समिति को ये साबित करना होगा कि वो बेहतर काम कर सकती है और बच्चों के लिए बेहतर भविष्य बना सकती है। उम्मीद है कि ये बदलाव सकारात्मक होगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ ये बदलाव क्यों किया गया?
कक्षा 8 की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने NCERT को फटकार लगाई थी। इसलिए ये बदलाव किया गया।
❓ नई समिति में कितने सदस्य हैं?
नई समिति में 20 सदस्य हैं। ये सभी मिलकर पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करेंगे।
❓ इस बदलाव से क्या उम्मीदें हैं?
उम्मीद है कि नई समिति ऐसी किताबें बनाएगी, जो बच्चों को सही जानकारी दें और उन्हें बेहतर नागरिक बनने में मदद करें।
❓ क्या पाठ्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव होगा?
संभव है कि पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव हों, लेकिन अभी ये कहना मुश्किल है कि ये बदलाव क्या होंगे।
❓ ये बदलाव कब से लागू होगा?
ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, यानी नई समिति तुरंत अपना काम शुरू कर देगी।
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Published: 08 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

