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CBSE 10वीं: दूसरे सेशन की परीक्षा 15 मई से, कौन दे पाएगा एग्ज़ाम?

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शिक्षा
📅 24 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
CBSE 10वीं: दूसरे सेशन की परीक्षा 15 मई से, कौन दे पाएगा एग्ज़ाम? - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • CBSE 10वीं के दूसरे सेशन की परीक्षा 15 मई से शुरू होगी, 21 मई 2026 तक चलेगी।
  • वे छात्र जो पहले सेशन में शामिल थे, अधिकतम 3 विषयों में नंबर सुधारने के लिए परीक्षा दे सकते हैं।
  • पहले सेशन में 3 से ज़्यादा विषयों में अनुपस्थित छात्र दूसरा सेशन नहीं दे पाएंगे।

अरे भाई, CBSE बोर्ड वालों के लिए एक ज़रूरी खबर है। जो बच्चे इस साल 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं, उनके दूसरे सेशन की डेटशीट आ गई है। अब ये डेटशीट क्या है, कौन परीक्षा दे पाएगा और कौन नहीं, चलो सब बताते हैं।

दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ये डेटशीट जारी की है। इसके हिसाब से 10वीं के दूसरे सेशन की परीक्षा 15 मई से शुरू होगी और 21 मई 2026 तक चलेगी। अब आप सोच रहे होंगे कि ये दूसरा सेशन क्या है? तो सुनिए, CBSE ने इस बार परीक्षा को दो हिस्सों में बांटा है। पहला सेशन हो चुका है, अब ये दूसरा सेशन होने जा रहा है।

कौन दे सकता है दूसरा सेशन?

सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर ये परीक्षा कौन दे सकता है। तो भई, CBSE ने इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं। वे बच्चे जो पहले सेशन में शामिल हुए थे और अपने नंबरों से खुश नहीं हैं, वे दूसरा सेशन दे सकते हैं। लेकिन इसमें भी एक ट्विस्ट है—आप सिर्फ 3 विषयों में ही नंबर सुधार सकते हैं, जैसे कि साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषाएं।

साथ ही, अगर किसी बच्चे को पहले सेशन में कंपार्टमेंट मिला था या जो 2025 के कंपार्टमेंट कैटेगरी में थे, वे भी दूसरा सेशन दे सकते हैं। और हां, बोर्ड ने कुछ खास बच्चों को भी छूट दी है, जैसे कि स्पोर्ट्स वाले बच्चे और जिन्हें पहले या तीसरे मौके पर कंपार्टमेंट मिला है।

कौन नहीं दे पाएगा एग्ज़ाम?

अब बात करते हैं कि कौन दूसरा सेशन नहीं दे पाएगा। तो भई, जो बच्चे पहले सेशन में तीन या उससे ज़्यादा विषयों में एब्सेंट थे, वे ये एग्ज़ाम नहीं दे पाएंगे। CBSE का कहना है कि ये नियम तभी तो है ताकि हर बच्चा सीरियसली परीक्षा दे।

पहले सेशन का रिज़ल्ट कैसा रहा?

आपको याद होगा, 15 अप्रैल को पहले सेशन का रिज़ल्ट आया था। उस रिज़ल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी थी। उनका पासिंग परसेंटेज 94.99% था, जबकि लड़कों का 92.95% रहा। — जो कि उम्मीद से अलग है — ट्रांसजेंडर छात्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था, उनका रिज़ल्ट 91.30% रहा था। त्रिवेंद्रम रीजन का रिज़ल्ट सबसे अच्छा रहा था, 99.75%।

मेरिट लिस्ट और टॉपर का क्या?

CBSE बोर्ड मेरिट लिस्ट जारी नहीं करता है और न ही कोई टॉपर घोषित करता है। बोर्ड ने स्कूलों को भी कह दिया है कि वे किसी बच्चे को स्कूल या जिले का टॉपर न घोषित करें। उनका मानना है कि इससे बच्चों पर बेवजह का प्रेशर आता है। इस साल 10वीं बोर्ड सेशन-2 में करीब 25 लाख बच्चे शामिल हुए थे। अब देखना है कि दूसरे सेशन का रिज़ल्ट कैसा रहता है। शिक्षा के क्षेत्र में ये एक बड़ा बदलाव है, और इसका असर आने वाले सालों में दिखेगा।

नए सिस्टम में क्या है खास?

इस साल CBSE ने 10वीं की परीक्षा नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्ज़ाम 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में कम से कम 33% नंबर लाना ज़रूरी है। पहले सेशन की परीक्षा देश के 8 हजार से ज़्यादा सेंटर पर हुई थी।

CBSE के दो बार एग्ज़ाम के फैसले को समझें

अब ज़रा इस दो बार परीक्षा वाले सिस्टम को भी समझ लीजिए। ये नियम 2025-26 सेशन से लागू हुआ है। यानी 2026 में बोर्ड एग्ज़ाम दो बार होंगे। लेकिन क्या दोनों बार एग्ज़ाम देना ज़रूरी है? नहीं, आपके पास तीन ऑप्शन हैं—साल में एक बार परीक्षा दें, दोनों परीक्षाओं में शामिल हों, या किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्ज़ाम दें। अगर आपने दो बार एग्ज़ाम दिए हैं, तो जो रिज़ल्ट बेहतर होगा, वही फाइनल माना जाएगा। और हां, दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी और एग्ज़ाम का फॉर्मेट भी एक जैसा ही होगा। 10वीं के लिए सप्लीमेंट्री एग्ज़ाम अब खत्म कर दिया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में ये बदलाव छात्रों को और बेहतर मौके देने के लिए किया गया है। ये शिक्षा नीति कितनी सफल होती है, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल, बच्चों को नए सिस्टम के हिसाब से तैयारी करनी होगी। कुल मिलाकर, CBSE का ये नया सिस्टम बच्चों के लिए कई मौके लेकर आया है, बस उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करने की ज़रूरत है। शिक्षा के इस नए दौर में, छात्रों को अपनी तैयारी को और भी मज़बूत करना होगा।

🔍 खबर का विश्लेषण

CBSE का दो सेशन में परीक्षा कराने का फैसला छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने का मौका मिलेगा और वे बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, यह भी देखना होगा कि छात्र इस नए सिस्टम को कितनी जल्दी अपनाते हैं और इसके लिए खुद को कैसे तैयार करते हैं। सप्लीमेंट्री एग्ज़ाम खत्म करने से कुछ छात्रों को नुकसान हो सकता है, इसलिए CBSE को इस बारे में और विचार करना चाहिए था।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ दूसरा सेशन कौन दे सकता है?

वे छात्र जो पहले सेशन में शामिल हुए थे और अपने नंबरों से खुश नहीं हैं, वे दूसरा सेशन दे सकते हैं। आप सिर्फ 3 विषयों में ही नंबर सुधार सकते हैं।

❓ कौन दूसरा सेशन नहीं दे पाएगा?

जो छात्र पहले सेशन में तीन या उससे ज़्यादा विषयों में एब्सेंट थे, वे ये एग्ज़ाम नहीं दे पाएंगे। CBSE का कहना है कि ये नियम इसलिए है ताकि हर बच्चा सीरियसली परीक्षा दे।

❓ अगर दो बार एग्ज़ाम दिए हैं, तो रिज़ल्ट कैसे तय होगा?

जो रिज़ल्ट बेहतर होगा, वही फाइनल माना जाएगा। अगर दूसरी बार एग्ज़ाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे।

❓ क्या दोनों परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस पूछा जाएगा?

नहीं, दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्ज़ाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा।

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Published: 24 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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