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ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा फेल! अब तक सिर्फ एक व्यक्ति को मिला

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अंतरराष्ट्रीय
📅 25 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
ट्रंप का 'गोल्ड कार्ड' वीजा फेल! अब तक सिर्फ एक व्यक्ति को मिला - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • ट्रम्प के गोल्ड कार्ड वीजा को अब तक सिर्फ एक व्यक्ति ने हासिल किया है।
  • इस योजना के तहत, 10 लाख डॉलर देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार मिलता है।
  • वाणिज्य सचिव के अनुसार, सैकड़ों आवेदन अभी भी प्रक्रिया में हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़े जोर-शोर से ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा योजना शुरू की थी, लेकिन ये योजना कुछ खास कमाल नहीं कर पाई है। अब तक सिर्फ एक आदमी को ही ये वीजा मिला है। सोचिए, ट्रम्प ने दावा किया था कि 1300 आवेदन बिक चुके हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।

क्या है ये गोल्ड कार्ड वीजा?

गोल्ड कार्ड वीजा एक तरह से अमेरिका में रहने और काम करने का परमिट है, जिसके लिए किसी विदेशी को 10 लाख डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) देने होते हैं। वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने पार्लियामेंट्री कमिटी को ये जानकारी दी। अब आप सोच रहे होंगे कि ट्रम्प ने तो बड़ी-बड़ी बातें की थीं, फिर ये क्या हो गया? दरअसल, पहले लुटनिक ने कहा था कि योजना शुरू होने के कुछ ही दिनों में 10,800 करोड़ रुपये के 1300 आवेदन बिक गए। लेकिन बाद में पता चला कि ये आंकड़ा गलत था।

लुटनिक ने ये भी बताया कि अभी कुछ सौ आवेदन प्रोसेस हो रहे हैं। ट्रम्प ने फरवरी 2025 में ये योजना शुरू करने की बात कही थी। उस समय उन्होंने इसकी कीमत 5 मिलियन डॉलर (45 करोड़ रुपये) रखी थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 1 मिलियन डॉलर कर दिया गया। उनका कहना था कि ये ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का हिस्सा है, जिससे टॉप टैलेंट को अमेरिका में रोका जा सके और कंपनियों को यहां लाया जा सके।

ट्रम्प ने कार्ड लॉन्च करते हुए कहा था कि वो सिर्फ टैलेंटेड लोगों को वीजा देंगे। गोल्ड कार्ड में लोगों को लगभग सारे अधिकार मिलते हैं, जो एक अमेरिकी नागरिक को मिलते हैं — बस पासपोर्ट और वोट देने का अधिकार नहीं होता। ये प्रक्रिया ग्रीन कार्ड की तरह ही है, जिससे अमेरिका में हमेशा के लिए रहने की परमिशन मिल जाती है।

क्यों हुआ ये फेल?

सीधी बात है, 10 लाख डॉलर कोई छोटी रकम नहीं है। इतने पैसे देकर अमेरिका में रहने का अधिकार पाने वाले लोग कम ही होंगे। दूसरी बात, ट्रम्प ने ये भी कहा था कि वो इस पैसे का इस्तेमाल टैक्स कम करने और सरकारी कर्ज चुकाने में करेंगे। अब ये बात लोगों को कितनी जमी, ये तो वही जाने।

ट्रम्प ने गोल्ड कार्ड के अलावा तीन और वीजा कार्ड लॉन्च किए थे: ‘ट्रम्प गोल्ड कार्ड’, ‘ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड’ और ‘कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड’। गोल्ड कार्ड से लोगों को अमेरिका में हमेशा रहने का अधिकार मिलता है। वहीं, प्लेटिनम कार्ड भी जल्दी ही शुरू होने वाला था। ट्रम्प का कहना था कि गोल्ड कार्ड मौजूदा EB-1 और EB-2 वीजा की जगह लेगा।

आगे क्या होगा?

अब देखना ये है कि क्या ये योजना आगे चल पाती है या नहीं। फिलहाल तो इसका हाल देखकर यही लगता है कि ये ट्रम्प के बाकी दावों की तरह ही हवा-हवाई साबित हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस योजना को कोई खास समर्थन नहीं मिला।

EB-1 और EB-2 वीजा की जगह लेगा गोल्ड कार्ड?

कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के मुताबिक, ये गोल्ड कार्ड मौजूदा EB-1 और EB-2 वीजा की जगह लेगा। ग्रीन कार्ड श्रेणियां बंद हो सकती हैं। EB-1 वीजा अमेरिका का एक स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) वीजा है। EB-2 वीजा भी ग्रीन कार्ड के लिए है, लेकिन उन लोगों के लिए जो उच्च शिक्षा (मास्टर्स या उससे ऊपर) की योग्यता रखते हों। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, वीजा और ग्रीन कार्ड के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं।

ट्रम्प गोल्ड कार्ड से जुड़े कुछ सवाल-जवाब:

  1. सवाल: ट्रम्प गोल्ड कार्ड क्या है? जवाब: गोल्ड कार्ड एक नया वीजा/रेसिडेंसी प्रोग्राम है, जिसे डोनाल्ड ट्रम्प ने पेश किया है। यह अमेरिका में लंबे समय तक रहने, काम करने और नागरिकता (US citizenship) पाने का एक विकल्प है।
  2. सवाल: यह कार्ड किसको मिलेगा? जवाब: पारंपरिक वीजा या “ग्रीन कार्ड” (Green Card) से अलग यह प्रोग्राम खासतौर से अमीरों, इन्वेस्टर्स, बिजनेसमैन या टैलेंटेड प्रोफेशनल के लिए बनाया गया है। — सोचने वाली बात है —
  3. सवाल: ट्रम्प कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड क्या है? जवाब: ट्रम्प कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड कंपनी द्वारा अपने एक या अधिक कर्मचारियों के लिए जारी किया जाता है। कंपनी को प्रति कर्मचारी 15,000 डॉलर का गैर-वापसी योग्य DHS शुल्क देना होता है। वेटिंग पूरी होने के बाद प्रति कर्मचारी 2 मिलियन डॉलर द

ट्रम्प की इस योजना का मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका को एक आकर्षक ठिकाना बनाना था, लेकिन फिलहाल ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विफल होती दिख रही है।

🔍 खबर का विश्लेषण

ट्रम्प की ये योजना दिखाती है कि सिर्फ अमीरों को आकर्षित करने से देश का विकास नहीं हो सकता। ये भी साफ है कि बड़ी-बड़ी बातें करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम करना जरूरी है। इस योजना का फेल होना ट्रम्प के ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे पर भी सवाल खड़े करता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ गोल्ड कार्ड वीजा क्या है?

ये एक ऐसा वीजा है जिससे कोई भी विदेशी 10 लाख डॉलर देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है।

❓ ये कार्ड किसको मिलेगा?

ये कार्ड खास तौर पर अमीर, निवेशक और टैलेंटेड लोगों के लिए है जो अमेरिका में रहना चाहते हैं।

❓ क्या इस वीजा से नागरिकता मिल जाएगी?

इस वीजा से आपको लगभग सारे अधिकार मिलते हैं जो एक अमेरिकी नागरिक को मिलते हैं, बस आप वोट नहीं दे सकते और पासपोर्ट नहीं ले सकते।

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Published: 25 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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