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भोपाल में हिंदी पत्रकारिता का महाकुंभ: CM यादव करेंगे 200 साल पर विमर्श शुरू

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राष्ट्रीय
📅 02 मई 2026 | HeadlinesNow Desk
भोपाल में हिंदी पत्रकारिता का महाकुंभ: CM यादव करेंगे 200 साल पर विमर्श शुरू - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • भोपाल में हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर ‘प्रणाम! उदंत मार्तण्ड’ का आयोजन
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ, कई वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद होंगे शामिल
  • पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा, किताबों का लोकार्पण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे

भोपाल शहर, जो कि झीलों के लिए जाना जाता है, जल्द ही एक बड़े मीडिया कार्यक्रम का गवाह बनेगा। 8 मई, 2026 से यहाँ ‘प्रणाम! उदंत मार्तण्ड’ नामक एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय विमर्श शुरू होने जा रहा है। यह कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।

क्या है ये ‘प्रणाम! उदंत मार्तण्ड’?

यह आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और वीर भारत न्यास का एक संयुक्त प्रयास है। भारत भवन में होने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर चर्चा करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह 10:30 बजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार उदय माहूरकर विषय प्रवर्तन करेंगे, और अयोध्या के आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण इसकी अध्यक्षता करेंगे।

अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या ख़ास है? तो सुनिए, इस ‘मीडिया कुंभ’ में 9 राज्यों से 60 से ज्यादा पत्रकार, संपादक, लेखक, एंकर, विचारक, शिक्षाविद और मीडिया विशेषज्ञ भाग लेंगे। ये सभी लोग मिलकर पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।

कौन-कौन होंगे शामिल?

इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, अधिवक्ता जे. साईं दीपक और वरिष्ठ पत्रकार जे. नंदकुमार जैसे कई दिग्गज शामिल होंगे। इनके अलावा, विष्णुप्रकाश त्रिपाठी, नगमा सहर, सईद अंसारी, उदय सिन्हा और अमिताभ अग्निहोत्री जैसे अनुभवी पत्रकार भी अपनी बात रखेंगे। जयंती रंगनाथन, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, प्रो. कृपाशंकर चौबे और प्रो. सोमा बंदोपाध्याय जैसे शिक्षाविद भी इस विमर्श में शामिल होंगे। ‘गुल्लक’ के लेखक दुर्गेश सिंह भी यहाँ मौजूद रहेंगे।

अलग-अलग सत्रों में ‘डिजिटल समय में टीवी पत्रकारिता’, ‘भारतीय पत्रकारिता का वैचारिक अधिष्ठान’ और ‘भूमंडलीकरण के बाद का भारत और मीडिया’ जैसे विषयों पर बात होगी। ‘नए भारत का निर्माण’ और ‘भारतीय भाषाओं का राष्ट्रीय स्वर’ जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में पत्रकारिता के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आ सकती हैं।

और क्या होगा?

सिर्फ बातें ही नहीं, यहाँ बहुत कुछ देखने को भी मिलेगा। दो सौ सालों की पत्रकारिता की यात्रा को दिखाती हुई एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। वहीं देश के आठ जाने-माने कार्टूनिस्ट अपना लाइव कार्टून शो करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजयमनोहर तिवारी का कहना है कि यह कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के मूल्यों, चुनौतियों और संभावनाओं पर गंभीर चर्चा का एक मंच होगा।

किताबें और फ़िल्में भी

मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मौके पर दो किताबों का लोकार्पण भी करेंगे: ‘माखन के लाल’ और ‘कार्टून कथा’। साथ ही, विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाए गए तीन प्रायोगिक अखबारों के विशेषांक भी जारी किए जाएंगे। इलेक्ट्रानिक मीडिया के छात्रों ने तीन डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में भी बनाई हैं, जो इस कार्यक्रम में दिखाई जाएंगी। हर दिन शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जो इस आयोजन को और भी खास बनाएंगे।

भारत पर ख़ास सत्र

इस कार्यक्रम में भारत पर केंद्रित तीन विशेष सत्र भी होंगे: ‘उतिष्ठ भारत’, ‘नए भारत का निर्माण’ और ‘स्वाभिमानी भारत’। इन सत्रों में आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण, हरिवंश और जे. साईं दीपक जैसे विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम निश्चित रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले समय में, इस कार्यक्रम से निकलने वाले विचारों और सुझावों का असर राष्ट्रीय मीडिया परिदृश्य पर देखने को मिल सकता है।

क्या निकल कर आएगा?

यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं है, बल्कि यह हिंदी पत्रकारिता के भविष्य को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के विमर्श से पत्रकारिता के क्षेत्र में नए विचार आएंगे और युवा पत्रकारों को प्रेरणा मिलेगी। यह राष्ट्रीय स्तर का प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और इससे भारतीय पत्रकारिता को नई ऊँचाइयाँ छूने में मदद मिलेगी।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे न केवल पत्रकारिता के इतिहास पर विचार किया जाएगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इस कार्यक्रम से निकलने वाले निष्कर्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में नए विचारों को जन्म देंगे और युवा पत्रकारों को मार्गदर्शन देंगे।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ ‘प्रणाम! उदंत मार्तण्ड’ क्या है?

यह हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय विमर्श है, जिसमें पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

❓ यह कार्यक्रम कब और कहाँ होगा?

यह कार्यक्रम 8, 9 और 10 मई 2026 को भारत भवन, भोपाल में आयोजित किया जाएगा।

❓ इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होंगे?

इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, लेखक, एंकर, शिक्षाविद और मीडिया विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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Published: 02 मई 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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