होमBusinessअमेरिकी-ईरानी तनाव से सहमे बाजार: सेंसेक्स 344 अंक फिसला, निफ्टी 24,100 के...

अमेरिकी-ईरानी तनाव से सहमे बाजार: सेंसेक्स 344 अंक फिसला, निफ्टी 24,100 के नीचे

⏱️ पढ़ने का समय: 1 मिनट📝 137 शब्द✍️ HeadlinesNow Desk
🎧 खबर सुनें
📤 शेयर करें:📱 WhatsApp👍 Facebook✈️ Telegram🐦 Twitter


उद्योग
📅 14 जुलाई 2026 | HeadlinesNow Desk
अमेरिकी-ईरानी तनाव से सहमे बाजार: सेंसेक्स 344 अंक फिसला, निफ्टी 24,100 के नीचे - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते 14 जुलाई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती गिरावट देखी गई।
  • सेंसेक्स 344 अंक और निफ्टी 143 अंक लुढ़का; टाटा स्टील जैसे कुछ शेयरों में बढ़त दिखी, जबकि एचसीएल टेक में सबसे बड़ी गिरावट आई।

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने आज भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर डाला। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते घरेलू बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही लाल निशान में खुलते ही कारोबार करने लगे। यह भू-राजनीतिक उथल-पुथल निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया है।

सुबह के सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 344.06 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 77,272.34 पर खुला, जबकि निफ्टी 143 अंक की गिरावट के साथ 24,068 के स्तर पर पहुंचा। ध्यान दें — पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 77,616.40 और निफ्टी 24,211 पर बंद हुए थे। गिरावट का यह सिलसिला केवल बड़े सूचकांकों तक ही सीमित नहीं रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 122.69 अंक नीचे था, वहीं बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 29.34 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,743.94 पर ट्रेड कर रहा था। भारतीय उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों के शेयर भी इस दबाव में दिखाई दिए।

बाजार पर भू-राजनीतिक साया

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़पों की खबरें, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उनके दावों ने कच्चे तेल की कीमतों को एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 426.73 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 66,816 पर था, और हांगकांग का बाजार भी इसी रुझान पर था। भू-राजनीतिक जोखिमों का यह बढ़ता साया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है, जो शेयर बाजारों में घबराहट पैदा कर रहा है।

सूचकांकों का हाल और प्रमुख शेयरों की चाल

सेंसेक्स पैक में, कुछ शेयरों ने शुरुआती गिरावट के बावजूद बढ़त बनाई। टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, एनटीपीसी और भारती एयरटेल जैसे शेयर हरे निशान में थे। इसमें टाटा स्टील लगभग 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जो इस्पात उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत था। वहीं, दूसरी तरफ एचसीएल टेक, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और एम एंड एम गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे। एचसीएल टेक सबसे ज्यादा 2.67 प्रतिशत से अधिक लुढ़का, जो आईटी उद्योग के लिए एक झटका था। शुरुआती कारोबार में बाजार का समग्र रुख नकारात्मक ही था; एनएसई पर कुल 718 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,587 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 145 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इंडिया VIX लगभग 13.65 पर बना हुआ है, जो बाजार में काफी उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए आगे की राह

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में रिसर्च और टेक्निकल रिसर्च के वीपी सचिन गुप्ता ने मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, कि “कुल मिलाकर, तकनीकी सेटअप इस सत्र के लिए ‘साइडवेज’ (बिना किसी खास दिशा के) रहने का संकेत दे रहा है। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक संकेतों के बीच गिफ्ट निफ्टी से बाजार के कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, कि “पिछले सत्र में इंट्राडे में हुई जोरदार रिकवरी ने बाजार के बड़े ढांचे को मजबूत बनाए रखा है, लेकिन साफ ​​दिशा तय करने के लिए इंडेक्स को 23,900–24,250 की रेंज से बाहर निकलना होगा।” ट्रेडर्स को सलाह दी गई है कि वे कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि ये इस सत्र के लिए अहम कारक बने हुए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 13 जुलाई 2026 को शुद्ध विक्रेता के तौर पर 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, मगर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,171.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर कुछ हद तक बाजार को सहारा दिया। यह बताता है कि घरेलू निवेशक अभी भी भारतीय वित्त बाजार में विश्वास बनाए हुए हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता का दबाव स्पष्ट है।

🔍 खबर का विश्लेषण

मौजूदा बाजार गिरावट मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का परिणाम है। यह स्थिति निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर रही है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया, पर जब तक वैश्विक मोर्चे पर स्थिरता नहीं आती, अस्थिरता बनी रह सकती है। आने वाले समय में कच्चे तेल की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही बाजार की दिशा तय करेंगे, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?

आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है, जिसने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया।

❓ सेंसेक्स और निफ्टी पर कितना असर पड़ा?

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 344 अंक से अधिक गिरकर 77,272.34 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 143 अंक की गिरावट के साथ 24,068 के स्तर पर फिसला।

❓ कौन से शेयर बढ़त में रहे और कौन से गिरे?

टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, एनटीपीसी और भारती एयरटेल जैसे शेयर बढ़त में रहे। वहीं, एचसीएल टेक, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और एम एंड एम में गिरावट दर्ज की गई।

❓ इंडिया VIX क्या दर्शाता है?

इंडिया VIX लगभग 13.65 पर बना हुआ है, जो बाजार में काफी अधिक अस्थिरता (volatility) को दर्शाता है। यह निवेशकों के बीच अनिश्चितता का प्रतीक है।

❓ निवेशकों को इस स्थिति में क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। बाजार फिलहाल एक रेंज में रहने की संभावना है, इसलिए अत्यधिक जोखिम लेने से बचना समझदारी होगी।

📰 और पढ़ें:

Top Cricket Updates  |  Sports News  |  Business & Market

हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए HeadlinesNow.in को बुकमार्क करें।

📄 स्रोत: यह खबर विभिन्न समाचार स्रोतों से संकलित है। मूल समाचार के लिए यहाँ क्लिक करें

Published: 14 जुलाई 2026 | HeadlinesNow.in

📤 शेयर करें:📱 WhatsApp👍 Facebook✈️ Telegram🐦 Twitter
Editor
Editorhttp://headlinesnow.in
Journalist covering politics and technology.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments