📅 01 अगस्त 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का आरोप लगाते हुए उनसे कई मुद्दों पर देश से माफी मांगने की बात कही।
- रमेश ने प्रधानमंत्री के छात्रों को ‘माफ’ करने वाले बयान को युवाओं का अपमान बताया, जबकि पीएम ने उन्हें ‘भटका हुआ’ कहकर सही राह दिखाने की बात की थी।
📋 इस खबर में क्या है
दिल्ली से खबर है कि देश की राजनीति इन दिनों गरम है और इसमें एक नया मोड़ आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को गाली देने वाले छात्रों को ‘माफ’ करने की बात कही थी। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को प्रधानमंत्री का यह बयान कुछ खास रास नहीं आया। उन्होंने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा कि मोदी जी को ‘विक्टिम कार्ड’ खेलना बेहद पसंद है।
रमेश ने कहा, ‘खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बहुत भाता है।’ उन्होंने प्रधानमंत्री से कई गंभीर मुद्दों पर देश से माफी मांगने की मांग की। रमेश का कहना है कि प्रधानमंत्री अपने विरोधियों के खिलाफ अक्सर बहुत तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं, वो संसद के अंदर और बाहर भी अपनी बात को मनवाने के लिए कई बार सच से हटकर बयान देते हैं और जो लोग गाली-गलौज करते हैं, उन्हें पूरा संरक्षण भी देते हैं।
माफी मांगे प्रधानमंत्री, युवा कर रहे इंतज़ार
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वो आखिर कब माफी मांगेंगे? उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की उस व्यवस्था के लिए माफी मांगें, जिससे पेपर लीक हुए और लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया। उन छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए भी माफी की बात कही जा रही है, जिसने छात्रों को और परेशान किया।
रमेश ने आगे राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े ‘चंदा चोरी’ और ‘आस्था धोखा’ के मामलों पर भी प्रधानमंत्री से माफी की उम्मीद जताई। उनका कहना था कि इस ट्रस्ट की स्थापना की घोषणा तो खुद प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े धूमधाम से की थी, तो अब इसकी जिम्मेदारी भी उनकी बनती है। ये सिर्फ एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की आस्था से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक विषय भी है।
इतना ही नहीं, जयराम रमेश ने 8 नवंबर 2016 को लिए गए नोटबंदी के ‘तुगलकी फैसले’ को भी नहीं बख्शा। उन्होंने याद दिलाया कि उस फैसले ने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली थी और लाखों छोटे-मोटे कारोबार (MSME) बंद होने की कगार पर पहुँच गए थे। रमेश ने कहा कि ऐसे मामलों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जिन पर प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।
आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा: माफ़ी नहीं, अपमान किया
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के ‘माफ करने’ वाले बयान को ‘आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा’ बताया। उन्होंने कहा कि बीती रात प्रधानमंत्री ने यह कहकर युवाओं को माफ कर दिया कि उन्होंने ऐसा करके देश और उन युवाओं का अपमान किया है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान बहुत तकलीफें झेली हैं और जो आज भी उनसे न्याय और माफी की उम्मीद कर रहे हैं। रमेश ने साफ कहा कि अब प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम पर होने वाली सभाएं किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं। आम जनमानस अब इन बातों को समझने लगा है.
क्या था प्रधानमंत्री का ‘माफी’ वाला बयान?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर अपशब्द कहने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही थी। पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा था कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं, गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कुछ युवा महिलाओं ने भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया हो। लेकिन प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी पचड़े में फंसाया जाए। उन्होंने इन बच्चों को ‘भटके हुए’ बताया और कहा कि उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। प्रधानमंत्री का मानना था कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके हालात नहीं सुधरेंगे।
अब इस पूरी राजनीति में कौन सही है और कौन गलत, यह तो जनता ही तय करेगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में ये बयान और पलटवार चुनावी माहौल को और गरमाएंगे।
🔍 खबर का विश्लेषण
इस बयानबाजी से साफ है कि आने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। जयराम रमेश का यह बयान सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की छवि पर सवाल उठाता है और विपक्ष को एकजुट होने का मौका देता है। इससे उन मुद्दों पर दोबारा बहस छिड़ सकती है जिन पर सरकार पहले ही सफाई दे चुकी है, जिससे आम जनता के बीच एक नई चर्चा शुरू होगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर क्या आरोप लगाए हैं?
जयराम रमेश ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को ‘विक्टिम कार्ड’ खेलना बहुत पसंद है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर अपने विरोधियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।
❓ किन मुख्य मुद्दों पर जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की है?
रमेश ने NTA पेपर लीक, छात्र आंदोलनों पर हुई कार्रवाई, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदा चोरी के आरोप और 2016 की नोटबंदी जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री से देश से माफी मांगने की मांग की है।
❓ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को माफ करने संबंधी क्या बयान दिया था?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जंतर-मंतर पर उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहने वाले छात्रों को उन्होंने माफ कर दिया है। उन्होंने उन्हें ‘भटके हुए बच्चे’ बताया और समाज से उन्हें सही रास्ता दिखाने की अपील की।
❓ जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के ‘माफ करने’ वाले बयान को कैसे देखा?
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के इस बयान को ‘आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा’ बताया। उन्होंने कहा कि यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने सरकार के दौरान तकलीफें झेली हैं और जो न्याय मांग रहे हैं।
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Published: 01 अगस्त 2026 | HeadlinesNow.in

