📅 30 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भारत को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया।
- सरकार की नीति: हथियार डालने वालों से बातचीत, गोली चलाने वालों को गोली से जवाब।
- कांग्रेस पर हमला, आदिवासी समुदाय के विकास से वंचित रहने का आरोप लगाया।
📋 इस खबर में क्या है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। सरकार की नीति स्पष्ट है कि बातचीत केवल उन्हीं से होगी जो हथियार डालेंगे। गोली चलाने वालों को गोली से ही जवाब दिया जाएगा। अमित शाह ने यह भी कहा कि जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा और इस तरह के बर्ताव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने 31 मार्च तक भारत को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया होने के बाद देश को सूचित किया जाएगा, लेकिन वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि भारत अब सच में नक्सलमुक्त हो गया है। यह सरकार किसी की धमकियों से डरने वाली नहीं है और सबके साथ न्याय करने वाली है।
कांग्रेस पर अमित शाह का हमला
अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आजादी के बाद 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता कांग्रेस के हाथों में रही, लेकिन आदिवासी समुदाय विकास से वंचित रहा। उन्होंने कहा कि असली विकास तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है। कांग्रेस 60 सालों तक आदिवासियों को घर या साफ़ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रही, उनके लिए कोई स्कूल नहीं बनाया और उनके इलाकों तक मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचने से रोकीं। अब वही लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह राजनीति का दोहरा चेहरा है।
हथियार उठाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा
अमित शाह ने कहा कि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उनसे मैं पूछता हूं कि क्या वे संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं। यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि अब वह दौर खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है और जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है और सभी शिकायतों को सुनने और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
अमित शाह का यह दावा भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों से देश में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह राजनीति का एक ऐसा पहलू है जिस पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
🔍 खबर का विश्लेषण
अमित शाह का यह बयान सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ सख्त नीति को दर्शाता है। यह दावा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी पुष्टि होना बाकी है। इस खबर का असर राजनीति और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ अमित शाह ने नक्सलवाद पर क्या कहा?
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि भारत अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और सरकार की नीति हथियार डालने वालों से बातचीत करने की है।
❓ सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए क्या कर रही है?
सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सख्त नीतियों का पालन कर रही है और विकास कार्यों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में सुधार कर रही है।
❓ अमित शाह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने 60 सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी समुदाय का विकास नहीं किया।
❓ नक्सलवाद मुक्त भारत का लक्ष्य कब तक रखा गया था?
सरकार ने 31 मार्च तक भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
❓ सरकार की आगे की रणनीति क्या होगी?
सरकार अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी हथियार न उठाए।
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Published: 30 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

