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बिना OTP ऑनलाइन पेमेंट! बैंक ला रहे हैं ये नई तकनीक

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तकनीक
📅 03 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
बिना OTP ऑनलाइन पेमेंट! बैंक ला रहे हैं ये नई तकनीक - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • बैंक और टेलीकॉम कंपनियां ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ तकनीक पर कर रही हैं काम।
  • सिम और रजिस्टर्ड नंबर मैच नहीं हुए तो ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लॉक हो जाएगा।
  • वॉट्सएप पर भी मिल सकते हैं OTP, आसान होगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका।

क्या आप भी OTP से परेशान हो गए हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है। अब बिना OTP के ऑनलाइन पेमेंट हो सकेगा! देश के बड़े प्राइवेट बैंक और टेलीकॉम कंपनियां मिलकर एक नई तकनीक पर काम कर रही हैं, जिसका नाम है ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’।

यह तकनीक कैसे काम करेगी? सीधी बात है, जब आप ऑनलाइन पेमेंट करेंगे, तो यह सिस्टम अपने आप चेक करेगा कि आपके बैंक ऐप में रजिस्टर्ड नंबर और आपके फोन का सिम कार्ड, दोनों एक ही हैं या नहीं। अगर दोनों मैच नहीं हुए, तो ट्रांजैक्शन तुरंत रुक जाएगा। मज़े की बात यह है कि आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कैसे रुकेगा फ्रॉड?

एक्सिस बैंक के डिजिटल बिजनेस हेड समीर शेट्टी ने बताया कि ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ से सिम क्लोनिंग और ई-सिम स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी। अभी तक सुरक्षा की जो लेयर्स थीं, उन्हें हैक करना आसान था, पर अब बैंक और टेलीकॉम कंपनियां नेटवर्क के अंदर ही वेरिफिकेशन करेंगी। यह सिस्टम बैकग्राउंड में काम करेगा, जिसे हैकर भी नहीं देख पाएंगे।

यह तकनीक ई-सिम पर भी काम करेगी। कंपनियां सुरक्षा को और भी मजबूत करने के लिए फेस ID और ऐप के अंदर ही कोड जनरेट करने जैसी सुविधाएं भी जोड़ रही हैं। इससे ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगेगी, ये तय है।

RBI के नियम और नई तकनीक

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के अनुसार, अब सभी डिजिटल लेन-देन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी है। इसमें पासवर्ड, OTP और बायोमेट्रिक्स शामिल हैं। SMS वाले OTP को अभी बंद नहीं किया गया है, लेकिन बैंकों को फिंगरप्रिंट और डिवाइस की सुरक्षा जैसे आधुनिक तरीके इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है।

अब बैंक OTP भेजने के लिए वॉट्सएप जैसे ऐप्स का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। क्लाउड कम्युनिकेशन कंपनी सिंच के एमडी नितिन सिंघल ने कहा कि इससे ग्राहकों का एक्सपीरियंस बेहतर होगा और ट्रांजैक्शन फेल होने की दर भी कम होगी। ब्रांड्स के लिए भी यह फायदेमंद होगा, क्योंकि चेकआउट प्रक्रिया आसान होने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा। तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। यह बड़ी बात है।

अभी टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ के कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। अगर कोई व्यक्ति ऐप में लॉग-इन है, लेकिन उसका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नंबर से मैच नहीं करता, तो टेलीकॉम नेटवर्क तुरंत सिग्नल दे देगा। इससे बिना ग्राहक को परेशान किए फ्रॉड का पता चल जाएगा।

आगे क्या होगा?

PWC इंडिया के साइबर लीडर सुंदरेश्वर कृष्णमूर्ति का कहना है कि अब बैंक और टेलीकॉम कंपनियां नेटवर्क के मुख्य हिस्से में ही वेरिफिकेशन को शिफ्ट कर रही हैं। यह सिस्टम बैकग्राउंड में काम करेगा, जिसे यूजर या हैकर नहीं देख सकेंगे। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इसमें फेस ID और ऐप के अंदर ही कोड (OTP) जनरेट होने जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं।

इस नई तकनीक से ऑनलाइन पेमेंट करना और भी आसान और सुरक्षित हो जाएगा। अब OTP के झंझट से मुक्ति मिलेगी और फ्रॉड का डर भी कम होगा। — सोचने वाली बात है — ये तो होना ही था।

🔍 खबर का विश्लेषण

साइलेंट ऑथेंटिकेशन एक बड़ा कदम है। इससे ऑनलाइन फ्रॉड कम होगा और डिजिटल पेमेंट और भी आसान हो जाएगा। यह तकनीक दिखाती है कि बैंक और टेलीकॉम कंपनियां मिलकर ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कितने गंभीर हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यह तकनीक सबके लिए उपलब्ध होगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ साइलेंट ऑथेंटिकेशन क्या है?

यह एक ऐसी तकनीक है, जिससे ऑनलाइन पेमेंट करते समय OTP की जरूरत नहीं होगी। सिस्टम खुद ही चेक कर लेगा कि आपके बैंक ऐप में रजिस्टर्ड नंबर और आपके फोन का सिम कार्ड एक ही है या नहीं।

❓ यह तकनीक कैसे फ्रॉड रोकेगी?

अगर आपके बैंक ऐप में रजिस्टर्ड नंबर और आपके फोन का सिम कार्ड मैच नहीं हुआ, तो ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लॉक हो जाएगा। इससे सिम क्लोनिंग और ई-सिम स्वैप जैसे फ्रॉड रुकेंगे।

❓ क्या OTP पूरी तरह से बंद हो जाएगा?

नहीं, OTP पूरी तरह से बंद नहीं होगा, लेकिन बैंकों को फिंगरप्रिंट और डिवाइस की सुरक्षा जैसे आधुनिक तरीके इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है। इससे OTP पर निर्भरता कम हो जाएगी।

❓ क्या वॉट्सएप पर OTP मिलना सुरक्षित है?

वॉट्सएप पर OTP मिलना सुरक्षित है, क्योंकि यह एन्क्रिप्टेड होता है। क्लाउड कम्युनिकेशन कंपनी सिंच के अनुसार, इससे ग्राहकों का एक्सपीरियंस बेहतर होगा और ट्रांजैक्शन फेल होने की दर भी कम होगी।

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Published: 03 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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