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चैत्र नवरात्रि: यूपी के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़, काशी में मां कुष्मांडा

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धर्म
📅 19 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
चैत्र नवरात्रि: यूपी के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़, काशी में मां कुष्मांडा - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • यूपी के मंदिरों में नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की लंबी कतारें लगीं।
  • काशी में मां कुष्मांडा के दरबार में विशेष श्रृंगार किया गया।
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 89 साल बाद नवरात्रि पुराने साल में शुरू होकर नए साल में समाप्त होगी।

उत्तर प्रदेश में नवरात्रि की धूम

आज से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। काशी में मां कुष्मांडा के दरबार में 2 किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी है, जहां श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया है। मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में भी भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

मां शैलपुत्री का काशी से संबंध

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं, लेकिन उन्होंने निवास के लिए भगवान शिव की नगरी काशी को चुना। काशी में वरुणा नदी के किनारे मां शैलपुत्री का प्राचीन मंदिर स्थित है। यह पूरे भारत में इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां मां स्वयं विराजमान हैं, जबकि अन्य शक्तिपीठों में मां की प्रतिमा या पिंडियों के दर्शन होते हैं। यह मंदिर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से 4 किलोमीटर दूर अलईपुरा कस्बे में स्थित है।

काशी के ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणी

काशी के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 89 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि नवरात्रि पुराने साल में शुरू होकर नए साल में समाप्त होगी। इस बार माता जगदम्बा पालकी पर सवार होकर आई हैं, जिसके चलते बृहस्पति संवत्सर का लोप हो जाएगा और नया साल रौद्र संवत्सर से शुरू होगा। नए साल के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे।

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि के दौरान घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है। नवरात्रि के पहले दिन भक्त देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। यह पर्व नौ दिनों तक चलता है और पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। धर्म से जुड़े इस पर्व का विशेष महत्व है।

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि का पर्व धर्म और आस्था का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आज भी लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए हैं। यह पर्व हमें शक्ति, शांति और समृद्धि का संदेश देता है। धर्म के मार्ग पर चलने से जीवन में सकारात्मकता आती है।

🔍 खबर का विश्लेषण

चैत्र नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इस खबर से पता चलता है कि आज भी लोग अपनी धार्मिक परंपराओं के प्रति कितने समर्पित हैं। मंदिरों में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि लोगों की आस्था अटूट है। यह खबर समाज में धर्म और संस्कृति के महत्व को उजागर करती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ चैत्र नवरात्रि कब शुरू हुई?

चैत्र नवरात्रि आज, 19 मार्च 2026 को शुरू हुई है।

❓ मां शैलपुत्री का मंदिर कहां स्थित है?

मां शैलपुत्री का मंदिर काशी में वरुणा नदी के किनारे स्थित है।

❓ इस बार नवरात्रि किस संवत्सर में शुरू हो रही है?

इस बार नवरात्रि रौद्र संवत्सर में शुरू हो रही है।

❓ घट स्थापना का क्या महत्व है?

घट स्थापना नवरात्रि के दौरान एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक है।

❓ मां विंध्यवासिनी मंदिर कहां स्थित है?

मां विंध्यवासिनी मंदिर मिर्जापुर में स्थित है, जहां नवरात्रि में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

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Published: 19 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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