📅 09 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- वर्किंग पेरेंट्स बच्चे को समय न दे पाने पर गिल्ट महसूस करते हैं।
- गिफ्ट्स से बच्चे को खुशी तो मिलती है, पर प्यार और अटेंशन की कमी नहीं भरती।
- बच्चों को समय दें, उनसे बात करें, और उन्हें समझाएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं।
📋 इस खबर में क्या है
दिल्ली से एक मां का सवाल आया है, और ये सवाल आजकल कई घरों की कहानी बन गया है। वो बताती हैं कि वो और उनके पति दोनों नौकरी करते हैं, और बच्चे को टाइम नहीं दे पाते। इसकी भरपाई के लिए वो उसे गिफ्ट्स देते हैं, उसकी हर बात मानते हैं। पर अब बच्चा और ज्यादा डिमांड करने लगा है, बात मनवाने के लिए इमोशनल ब्लैकमेल करता है। ये कहानी उन परिवारों की है, जहां माता-पिता दोनों वर्किंग हैं।
गिफ्ट से प्यार नहीं मिलता, समझिए
जयपुर की साइकोलॉजिस्ट डॉ. अमिता श्रृंगी कहती हैं कि ये दिक्कत आम है। वर्किंग पेरेंट्स अक्सर बच्चे को टाइम न दे पाने के गिल्ट में उसे चीजें देते हैं। शुरू में तो ये ठीक लगता है, पर धीरे-धीरे बच्चे को लगने लगता है कि प्यार का मतलब ही यही है – चीजें मिलना। अच्छी बात ये है कि मां को ये बात समझ आ गई है, और अब वो इसे ठीक करना चाहती हैं। बच्चों को महंगे खिलौने देकर आप शायद कुछ पल की खुशी दे दें, लेकिन असल में उन्हें आपका साथ और वक्त चाहिए होता है।
तो, क्या करें? सबसे पहले तो ये समझिए कि गिल्ट क्यों होता है। शायद आपको लगता है कि आप अच्छे पेरेंट नहीं हैं, या बच्चे को वो सब नहीं दे पा रहे जो उसे चाहिए। इस गिल्ट की वजह से आप बच्चे को ज्यादा छूट देते हैं, ज्यादा लाड़-प्यार करते हैं। ये सब बच्चे के दिमाग पर असर डालता है। गिल्ट पेरेंटिंग को मैनेज करना जरूरी है, वरना बच्चे बिगड़ सकते हैं। स्वास्थ्य माहिरों के मुताबिक बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर पड़ता है।
कैसे करें गिल्ट को मैनेज?
गिल्ट को पूरी तरह खत्म करना तो मुश्किल है, पर इसे मैनेज किया जा सकता है। सबसे जरूरी है बच्चे को समय देना। जब आप उसके साथ हों, तो फोन और काम को भूल जाइए। सिर्फ बच्चे पर ध्यान दीजिए। उससे बातें कीजिए, उसके साथ खेलिए, उसकी बातें सुनिए। उसे बताइए कि आप उससे कितना प्यार करते हैं। उसे ये अहसास दिलाइए कि वो आपके लिए कितना खास है।
बच्चों को प्यार से समझाना भी जरूरी है। 6 से 10 साल के बच्चे समझने लगते हैं। उन्हें बताइए कि आप काम क्यों करते हैं, और ये काम कितना जरूरी है। उन्हें ये भी बताइए कि आप उनसे बहुत प्यार करते हैं, और हमेशा उनके साथ हैं। ये बात उन्हें समझानी होगी कि हर चीज तुरंत नहीं मिल सकती और कभी-कभी इंतजार करना भी जरूरी होता है। बच्चों को समय की कीमत और धैर्य का महत्व समझाना चाहिए।
पेरेंट्स का साथ है सबसे जरूरी
आखिर में, सबसे जरूरी बात ये है कि बच्चों को महंगे गिफ्ट्स नहीं, बल्कि माता-पिता का समय, अटेंशन और प्यार चाहिए। अगर पेरेंट्स रोज थोड़ी देर भी बिना मोबाइल, बिना काम के बच्चे के साथ बिताते हैं, तो ये बच्चे के लिए बहुत मायने रखता है। ये समय बच्चे की इमोशनल, मेंटल और सोशल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। इससे बच्चे की पर्सनैलिटी भी अच्छी बनती है। बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए स्वास्थ्य और सही परवरिश दोनों जरूरी हैं, खासकर शहरों में जहां जीवनशैली बहुत व्यस्त हो गई है।
तो, अगर आप भी वर्किंग पेरेंट हैं, और बच्चे को टाइम नहीं दे पाते हैं, तो परेशान मत होइए। थोड़ा सा समय निकालकर, प्यार से और समझदारी से काम लीजिए। सब ठीक हो जाएगा।
(ये लेख HeadlinesNow.in के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लें।)
🔍 खबर का विश्लेषण
ये खबर उन सभी वर्किंग पेरेंट्स के लिए एक सबक है जो अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं। ये जरूरी है कि आप अपने बच्चों को ये अहसास दिलाएं कि आप उनसे प्यार करते हैं, और हमेशा उनके साथ हैं। सिर्फ गिफ्ट्स से काम नहीं चलेगा। माता-पिता का साथ और सही मार्गदर्शन ही बच्चों को सही दिशा में ले जा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने के लिए बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना जरूरी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ बच्चे को समय न दे पाने पर क्या करें?
गिफ्ट्स देने की बजाय, बच्चे को समय दें, उससे बात करें, उसके साथ खेलें। उसे ये अहसास दिलाएं कि आप उससे कितना प्यार करते हैं।
❓ बच्चे को कैसे समझाएं कि आप काम क्यों करते हैं?
उसे बताएं कि आप काम क्यों करते हैं, और ये काम कितना जरूरी है। उसे ये भी बताइए कि आप उससे बहुत प्यार करते हैं, और हमेशा उसके साथ हैं।
❓ पेरेंट्स का साथ बच्चे के लिए क्यों जरूरी है?
पेरेंट्स का साथ बच्चे की इमोशनल, मेंटल और सोशल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। इससे बच्चे की पर्सनैलिटी भी अच्छी बनती है।
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Published: 09 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

