📅 24 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- साइलेंट हार्ट अटैक में सीने में दर्द नहीं होता, बल्कि थकान जैसे लक्षण दिखते हैं।
- महिलाओं में पुरुषों से अलग ब्लॉकेज पैटर्न और हार्मोनल बदलाव साइलेंट अटैक का कारण हैं।
- स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और लक्षणों की पहचान से साइलेंट हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।
📋 इस खबर में क्या है
सर्दी-जुकाम और फ्लू के लक्षणों जैसे खांसी, छींक, थकान और बुखार को अक्सर हम सामान्य मान लेते हैं, लेकिन कई बार ये साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकते हैं। मैकगिल यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार, 55 साल से कम उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द नहीं होता, बल्कि थकान और मतली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिसके लक्षण अस्पष्ट होते हैं।
महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के कारणों और लक्षणों को समझने के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम के कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. हेमंत मदान से बात की। उन्होंने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक भी एक सामान्य हार्ट अटैक की तरह ही होता है, जिसमें हृदय तक खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होती है। अंतर केवल इतना है कि इसके संकेत स्पष्ट नहीं होते हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक: महिलाओं में क्यों है ज्यादा कॉमन?
डॉ. मदान के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक अधिक आम होने के कई कारण हैं। महिलाओं और पुरुषों में ब्लॉकेज का पैटर्न अलग होता है। पुरुषों में बड़ी आर्टरी में ब्लॉकेज अधिक स्पष्ट होता है, जबकि महिलाओं में छोटी रक्त वाहिकाओं में समस्या होती है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में एस्ट्रोजेन हार्मोन हृदय को सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा कम हो जाती है। महिलाओं और पुरुषों में दर्द को महसूस करने का तरीका भी अलग-अलग हो सकता है।
महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के संभावित संकेत
महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण हल्के होते हैं, जैसे कि थकान, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, जबड़े में दर्द, मतली और उल्टी। हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अचानक और बिना किसी कारण के थकान या कमजोरी भी साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है। इसलिए, इन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
बचाव के उपाय
साइलेंट हार्ट अटैक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है। नियमित व्यायाम करें, स्वस्थ आहार लें, तनाव से बचें और धूम्रपान न करें। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं और अपने कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सही समय पर इलाज से साइलेंट हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।
निष्कर्षतः, साइलेंट हार्ट अटैक महिलाओं के लिए एक गंभीर खतरा है, लेकिन जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाकर इससे बचा जा सकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और किसी भी असामान्य लक्षण को अनदेखा न करें।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षणों और कारणों के बारे में जानकारी देकर, यह महिलाओं को समय पर उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है। इससे हृदय रोगों से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को भी महिलाओं में हृदय रोगों के निदान और उपचार में मदद करेगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है?
यह एक प्रकार का हार्ट अटैक है जिसमें हृदय तक खून की आपूर्ति बाधित होती है, लेकिन इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं।
❓ महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के क्या लक्षण हैं?
थकान, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, जबड़े में दर्द, मतली और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
❓ पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह अधिक कॉमन क्यों है?
ब्लॉकेज पैटर्न में अंतर, हार्मोनल बदलाव और दर्द को महसूस करने के तरीके में भिन्नता के कारण।
❓ साइलेंट हार्ट अटैक से कैसे बचा जा सकता है?
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित व्यायाम करके, स्वस्थ आहार लेकर और तनाव से बचकर इससे बचा जा सकता है।
❓ क्या थकान और कमजोरी भी साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकते हैं?
हां, अचानक और बिना किसी कारण के थकान या कमजोरी भी साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है।
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Published: 24 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

