📅 22 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- फास्टैग रिचार्ज स्कैम में NHAI के नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
- फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
- किसी भी तरह के अविश्वसनीय डिस्काउंट के चक्कर में न पड़ें।
📋 इस खबर में क्या है
डिजिटल टोल सिस्टम ने हाईवे पर सफर को आसान बना दिया है, लेकिन साइबर अपराधी इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। फास्टैग रिचार्ज और एनुअल पास के नाम पर ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स NHAI के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया और गूगल पर फर्जी विज्ञापन चलाते हैं, जिन पर क्लिक करने से नकली वेबसाइट खुलती है। ये वेबसाइट असली जैसी दिखती हैं, जिससे लोग धोखा खा जाते हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को सतर्क किया है और इससे बचने के तरीके बताए हैं।
आज हम फास्टैग स्कैम के बारे में विस्तार से जानेंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा से जानेंगे कि यह स्कैम क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
फास्टैग स्कैम क्या है?
राहुल मिश्रा के अनुसार, फास्टैग स्कैम एक ऑनलाइन ठगी है। इसमें साइबर अपराधी फास्टैग रिचार्ज या एनुअल पास पर छूट का लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट या लिंक पर ले जाते हैं और पैसे ठग लेते हैं। स्कैमर फास्टैग रिचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड के बहाने लोगों को फंसाते हैं।
कैसे होता है फास्टैग स्कैम?
साइबर ठग NHAI के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिससे वेबसाइट असली लगती है। जब यूजर फर्जी वेबसाइट पर गाड़ी नंबर, मोबाइल नंबर और पेमेंट डिटेल डालता है, तो पैसे सीधे ठगों के खाते में चले जाते हैं और रिचार्ज भी नहीं होता।
फास्टैग स्कैम से बचने के उपाय
फास्टैग से जुड़े किसी भी काम के लिए हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। गूगल सर्च में दिखने वाले हर लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी तरह के अविश्वसनीय डिस्काउंट से सावधान रहें। फास्टैग से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑथराइज्ड बैंक या आधिकारिक ऐप/वेबसाइट के माध्यम से ही करें। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।
अगर आप शिकार हो जाएं तो क्या करें?
अगर आप फास्टैग स्कैम का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें। अपने बैंक और फास्टैग जारीकर्ता को भी सूचित करें। अपनी सभी ऑनलाइन अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें। सतर्क रहें और दूसरों को भी इस बारे में जागरूक करें। स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही बचाव है।
निष्कर्ष: फास्टैग स्कैम से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के संदिग्ध लिंक या ऑफर से दूर रहें।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर फास्टैग यूजर्स के लिए एक चेतावनी है। साइबर ठग किस तरह से लोगों को धोखा दे रहे हैं, यह जानना जरूरी है। NHAI को भी इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए। लोगों को जागरूक करना और सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। यह स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का भी एक महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि वित्तीय तनाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ फास्टैग स्कैम क्या है?
यह एक ऑनलाइन ठगी है जिसमें फास्टैग रिचार्ज पर छूट का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है।
❓ साइबर ठग कैसे स्कैम करते हैं?
वे NHAI के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिससे वेबसाइट असली लगती है।
❓ फास्टैग स्कैम से कैसे बचें?
हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध लिंक से दूर रहें।
❓ अगर स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें और अपने बैंक को सूचित करें।
❓ फास्टैग रिचार्ज का सही तरीका क्या है?
फास्टैग से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑथराइज्ड बैंक या आधिकारिक ऐप/वेबसाइट के माध्यम से ही करें।
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Published: 22 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

