📅 12 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- मेटा ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ वॉट्सएप अकाउंट पेश किया, जिससे माता-पिता को मिलेगा कंट्रोल।
- माता-पिता कॉन्टैक्ट लिस्ट मैनेज कर सकेंगे, अनजान लोगों से संपर्क पर रोक लगा सकेंगे और प्राइवेसी सेटिंग्स बदल सकेंगे।
- बच्चों के मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगे, माता-पिता उन्हें पढ़ नहीं पाएंगे, लेकिन ‘पेरेंट पिन’ से प्राइवेसी लॉक कर सकेंगे।
📋 इस खबर में क्या है
मेटा, जो वॉट्सएप का संचालन करती है, ने एक नया ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल पेश किया है, जिससे अब 13 साल से कम उम्र के बच्चे भी वॉट्सएप का उपयोग कर सकेंगे। पहले, वॉट्सएप का उपयोग करने की न्यूनतम आयु 13 वर्ष थी। यह नया फीचर माता-पिता को अपने बच्चों के अकाउंट को पूरी तरह से नियंत्रित करने की अनुमति देगा। कंपनी का कहना है कि यह फीचर विशेषज्ञों और परिवारों के सुझावों के बाद तैयार किया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित रूप से मैसेजिंग और कॉलिंग कर सकें। यह कदम उन बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है जो पहले से ही चोरी-छिपे ऐप का उपयोग कर रहे थे।
इस नए ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट के माध्यम से, माता-पिता अपने बच्चों के लिए वॉट्सएप सेट कर सकेंगे। बच्चे केवल मैसेज भेजने और फोन करने में सक्षम होंगे, जबकि वॉट्सएप के अन्य फीचर्स उनके लिए बंद या सीमित रहेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चे केवल उन लोगों से संवाद कर सकें जिन्हें माता-पिता ने अनुमति दी है, और अनधिकृत संपर्कों से उनकी सुरक्षा की जा सके। यह सुविधा बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर जब वे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करने लगते हैं। तकनीक के इस युग में, बच्चों को सुरक्षित रखना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह नया फीचर उस चुनौती का सामना करने में मदद करेगा।
पेरेंट्स का कंट्रोल और प्राइवेसी
माता-पिता यह तय कर पाएंगे कि उनका बच्चा किससे बात कर सकता है और किससे नहीं, क्योंकि वे ही कॉन्टैक्ट लिस्ट को मैनेज करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे अनजान लोगों से संपर्क करने या रैंडम ग्रुप्स में शामिल होने पर भी प्रतिबंध लगा सकेंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को बदलने का अधिकार केवल माता-पिता के पास होगा, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कंट्रोल माता-पिता को यह जानने की अनुमति देगा कि उनके बच्चे किससे संवाद कर रहे हैं और वे किन विषयों पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे वे संभावित खतरों से अवगत रह सकें।
मैसेज एन्क्रिप्शन और पेरेंट पिन
हालांकि, वॉट्सएप बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे, जिसका मतलब है कि मैसेज केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच ही रहेंगे। माता-पिता उन्हें अपने डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को लॉक करने के लिए कंपनी ने ‘पेरेंट पिन’ का फीचर भी दिया है। यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों की निजी बातचीत सुरक्षित रहे, जबकि माता-पिता के पास अकाउंट पर नियंत्रण बनाए रखने का एक तरीका हो। यह सुविधा बच्चों और माता-पिता दोनों के लिए गोपनीयता और सुरक्षा के बीच एक संतुलन प्रदान करती है।
वॉट्सएप के नए फीचर से जुड़े सवाल
इस नए फीचर के लिए बच्चों को अलग सिम कार्ड या फोन की आवश्यकता होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मेटा ने अभी तक इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। आने वाले समय में कंपनी इस बारे में और जानकारी साझा करेगी। यह सुविधा उन माता-पिता के लिए उपयोगी हो सकती है जिनके बच्चे पहले से ही स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन वे उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना चाहते हैं। यह तकनीक, गैजेट और स्मार्टफोन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास है, जो बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
तकनीक का भविष्य और बच्चों की सुरक्षा
वॉट्सएप का यह नया ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल बच्चों को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन संवाद करने में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर अधिक नियंत्रण रखने और उन्हें संभावित खतरों से बचाने की अनुमति देता है। जैसे-जैसे तकनीक का विकास जारी है, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भी महत्वपूर्ण होता जाएगा। मेटा का यह कदम अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भी एक उदाहरण स्थापित कर सकता है, जिससे वे भी अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
🔍 खबर का विश्लेषण
वॉट्सएप का यह कदम बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह माता-पिता को अधिक नियंत्रण देकर बच्चों को संभावित खतरों से बचाने में मदद करेगा। तकनीक और एआई के इस युग में, बच्चों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और यह फीचर उस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस मॉडल को कैसे अपनाते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ वॉट्सएप का ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट क्या है?
यह 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है। माता-पिता इसके जरिए बच्चों के लिए वॉट्सएप सेट कर सकेंगे, जिसमें बच्चे केवल मैसेज भेज और फोन कर सकेंगे।
❓ वॉट्सएप इस्तेमाल करने की पहले क्या उम्र सीमा थी?
पहले वॉट्सएप चलाने की न्यूनतम उम्र 13 साल थी। अब कंपनी ने एक्सपर्ट्स की सलाह पर यह बदलाव किया है ताकि बच्चे सुरक्षित रूप से चैटिंग कर सकें।
❓ इस अकाउंट पर माता-पिता का कंट्रोल कैसा होगा?
पेरेंट्स तय करेंगे कि बच्चा किससे बात कर सकता है और किससे नहीं। वे कॉन्टैक्ट लिस्ट मैनेज करेंगे और अनजान लोगों से संपर्क करने पर पाबंदी लगा सकेंगे।
❓ क्या पेरेंट्स बच्चों के निजी मैसेज पढ़ सकेंगे?
नहीं, वॉट्सएप बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे। पेरेंट्स उन्हें अपनी डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को लॉक करने के लिए ‘पेरेंट पिन’ का फीचर है।
❓ क्या इसके लिए बच्चों को अलग सिम कार्ड चाहिए?
सिम कार्ड को लेकर कंपनी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। आने वाले समय में इस बारे में और जानकारी साझा की जाएगी।
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Source: Agency Inputs
| Published: 12 मार्च 2026

