होमGeneralउत्तराखंड: हनुमान जयंती पर आस्था का सैलाब, कैंची धाम में भक्तों की...

उत्तराखंड: हनुमान जयंती पर आस्था का सैलाब, कैंची धाम में भक्तों की भीड़

⏱️ पढ़ने का समय: 1 मिनट📝 133 शब्द✍️ HeadlinesNow Desk
🎧 खबर सुनें
📤 शेयर करें:📱 WhatsApp👍 Facebook✈️ Telegram🐦 Twitter


धर्म
📅 02 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
उत्तराखंड: हनुमान जयंती पर आस्था का सैलाब, कैंची धाम में भक्तों की भीड़ - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • उत्तराखंड के मंदिरों में हनुमान जयंती पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
  • देहरादून में खुलेआम लहराईं तलवारें, प्रशासन सतर्क
  • कैंची धाम में 8 से ज़्यादा राज्यों से पहुंचे भक्त

उत्तराखंड में हनुमान जयंती पर जो नज़ारा देखने को मिला, वो वाकई अद्भुत था। मानो पूरा प्रदेश ही भक्ति के रंग में रंग गया हो। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस दौरान कुछ ऐसा भी हुआ, जिस पर सवाल उठ सकते हैं? हम बात कर रहे हैं देहरादून में खुलेआम तलवारें लहराने की।

उत्तराखंड के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रदेशभर के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। रामनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हनुमान धाम पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत जेसीबी से पुष्पवर्षा करके किया। अब, जेसीबी से पुष्पवर्षा करना कितना उचित है, यह एक अलग बहस का मुद्दा है, लेकिन धामी के स्वागत में कोई कमी नहीं थी।

नैनीताल के कैंची धाम में तो 8 से ज़्यादा राज्यों से भक्त पहुंचे थे। गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में मत्था टेका। वहीं, देहरादून के पंचमुखी हनुमान मंदिर, कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर, रामनगर के हनुमान धाम और चमोली के औली हनुमान मंदिर में भी सुबह 5 बजे से ही भक्तों का तांता लगा रहा।

देहरादून में लहराईं तलवारें, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

हाँ, ये ज़रूर है कि इस दौरान देहरादून में जो हुआ, उसने कई लोगों को चौंका दिया। घंटाघर के पास हिंदू संगठनों ने खुलेआम तलवारें लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया। अब, सवाल यह है कि क्या धार्मिक आयोजनों में इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति होनी चाहिए? यह एक ऐसा सवाल है, जिस पर विचार करना ज़रूरी है। लेकिन, जो भी हो, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक रूट डायवर्जन के साथ-साथ अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई थी।

मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भंडारों का आयोजन

मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ-साथ हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया गया। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देहरादून के जमुंवाला का 11 मुखी हनुमान मंदिर, हनुमान चौक स्थित प्राचीन मंदिर, और जाखन हनुमान मंदिर में सुबह से भीड़ लगी रही। लोग सिंदूर, चमेली का तेल, चोला, लाल लंगोट, लाल फूल, बूंदी/बेसन के लड्डू, गुड़-चना, और पान का बीड़ा लेकर मंदिर पहुंचे।

101 किलो का लड्डू और आस्था का अटूट बंधन

देहरादून के पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में 101 किलो का लड्डू भोग के रूप में चढ़ाया गया। यह दिखाता है कि लोगों की आस्था कितनी गहरी है। धर्म के प्रति लोगों का यह अटूट बंधन ही है, जो उन्हें हर साल हनुमान जयंती पर मंदिरों की ओर खींच लाता है।

क्या हनुमान जयंती पर दिखावे की ज़रूरत है?

हनुमान जयंती का पर्व धर्म और आस्था का प्रतीक है। — सोचने वाली बात है — लेकिन, हमें यह भी सोचना होगा कि क्या हमें इस पर्व को मनाने के लिए दिखावे की ज़रूरत है? जेसीबी से पुष्पवर्षा और तलवारें लहराकर शक्ति प्रदर्शन करना, क्या यह सही है? यह एक ऐसा सवाल है, जिस पर हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उत्तराखंड में हनुमान जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लेकिन, इस दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी हुईं, जिन पर सवाल उठ सकते हैं। अब, देखना यह है कि प्रशासन इन घटनाओं से क्या सबक लेता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है। धर्म का मर्म सादगी में है, दिखावे में नहीं। धर्म हमें जोड़ना सिखाता है, तोड़ना नहीं।

🔍 खबर का विश्लेषण

हनुमान जयंती पर उत्तराखंड में आस्था का प्रदर्शन दिखा, लेकिन देहरादून में तलवारें लहराना चिंताजनक है। क्या धार्मिक आयोजनों में इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति होनी चाहिए? प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। दिखावे से बचना चाहिए और सादगी से पर्व मनाना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ कैंची धाम में कितने राज्यों से भक्त पहुंचे?

कैंची धाम में 8 से ज़्यादा राज्यों से भक्त पहुंचे थे, जिनमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली शामिल हैं।

❓ देहरादून में हनुमान जयंती पर क्या हुआ?

देहरादून में हनुमान जयंती पर हिंदू संगठनों ने घंटाघर के पास खुलेआम तलवारें लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया।

❓ पंचमुखी हनुमान मंदिर में क्या विशेष था?

देहरादून के पंचमुखी हनुमान मंदिर में 101 किलो का लड्डू भोग के रूप में चढ़ाया गया था।

❓ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहां गए थे?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रामनगर में हनुमान धाम पहुंचे थे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जेसीबी से पुष्पवर्षा करके स्वागत किया।

❓ प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की थी?

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक रूट डायवर्जन के साथ-साथ अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की थी।

📰 और पढ़ें:

Latest National News  |  Top Cricket Updates  |  Trending News

देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए HeadlinesNow.in पर बने रहें।

📄 स्रोत: यह खबर विभिन्न समाचार स्रोतों से संकलित है। मूल समाचार के लिए यहाँ क्लिक करें

Published: 02 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

📤 शेयर करें:📱 WhatsApp👍 Facebook✈️ Telegram🐦 Twitter
Editor
Editorhttp://headlinesnow.in
Journalist covering politics and technology.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments