📅 13 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- देश में 90 दिन की जरूरत के लिए पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है: मंत्री किशन रेड्डी
- सरकार शहरी खनन के जरिये देश की जरूरत के 30-40% महत्वपूर्ण खनिज निकालने की योजना बना रही है
📋 इस खबर में क्या है
क्या आप जानते हैं, भारत में कोयले का इतना भंडार है कि अगले 90 दिनों तक बिजली उत्पादन बिना किसी रुकावट के चल सकता है? केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने ये बड़ी खबर दी है। उन्होंने कहा कि देश में 20 करोड़ टन से ज़्यादा कोयला मौजूद है, जो हमारी ज़रूरतें पूरी करने के लिए काफ़ी है।
कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता
मंत्री रेड्डी ने बताया कि लगातार दूसरे साल भारत ने 1 अरब टन कोयले का उत्पादन किया है। पहले, हमारे पास सिर्फ़ 21-25 दिनों का कोयला भंडार होता था, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल बदल गई है। अब हम कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि खनिज क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम हो और देश आत्मनिर्भर बने। रेड्डी ने ये भी साफ़ किया कि सरकार खनिज क्षेत्र से राजस्व कमाने के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ज़रूरी कदम उठा रही है।
सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार शहरी खनन पर भी ध्यान दे रही है। इसके तहत शहरों से कबाड़ इकट्ठा करके रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर जैसी चीज़ों से ज़रूरी खनिज निकाले जाएंगे। अनुमान है कि इस तरीके से देश की ज़रूरत के 30-40% खनिज मिल सकते हैं। सरकार जल्द ही इस दिशा में एक कार्ययोजना बनाने जा रही है।
खनिज ब्लॉकों की नीलामी
केंद्रीय खान सचिव पीयूष गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 212 खनिज ब्लॉक की नीलामी हुई। इससे पहले के चार सालों में सिर्फ़ 364 ब्लॉक नीलाम हुए थे। 2015 में नीलामी व्यवस्था शुरू होने के बाद से अब तक कुल 684 ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इस साल 22 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलाम हुए हैं, और अब तक कुल 71 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलाम किए जा चुके हैं। इनमें से 46 केंद्र सरकार और 25 राज्य सरकारों ने नीलाम किए हैं। 23 मार्च को महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक की सातवीं किस्त की नीलामी शुरू हो गई है, जिसमें 19 ब्लॉक शामिल हैं।
भविष्य की योजनाएं
गोयल ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले सालों में इसका महत्व और भी बढ़ेगा। देखना ये है कि सरकार शहरी खनन और कोयला गैसीकरण को लेकर क्या योजनाएं बनाती है। उद्योग जगत को भी इस दिशा में मिलकर काम करने की ज़रूरत है। निजी क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, राज्य सरकारों और दूसरी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होगा।
आगे की राह
उद्योग जानकार बता रहे हैं कि अगर सरकार की योजनाएं सही तरीके से लागू हुईं, तो भारत खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। इससे न सिर्फ़ बिजली संकट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। उद्योग में नए अवसर पैदा होंगे और रोज़गार के मौके बढ़ेंगे। उद्योग जगत को सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। देखना यह है कि ये प्रयास देश को किस दिशा में ले जाते हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी का ये दावा कि देश में 90 दिन का कोयला भंडार मौजूद है, एक बड़ी राहत की खबर है। सरकार खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें शहरी खनन और खनिज ब्लॉकों की नीलामी शामिल हैं। — जो कि उम्मीद से अलग है — अगर ये योजनाएं सफल होती हैं, तो भारत न सिर्फ़ बिजली संकट से मुक्त हो सकता है, बल्कि खनिज क्षेत्र में भी एक बड़ी ताकत बन सकता है।
🔍 खबर का विश्लेषण
ये खबर भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है। अगर सरकार शहरी खनन और खनिज ब्लॉकों की नीलामी को सफलतापूर्वक लागू कर पाती है, तो भारत खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। इससे न सिर्फ़ बिजली संकट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हालांकि, ये देखना होगा कि ये योजनाएं ज़मीन पर कैसे उतरती हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ देश में कोयले का कितना भंडार है?
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी के अनुसार, देश में 90 दिन की जरूरत के लिए पर्याप्त 20 करोड़ टन से अधिक का कोयला भंडार उपलब्ध है।
❓ शहरी खनन क्या है?
शहरी खनन के तहत शहरों से कबाड़ इकट्ठा करके रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर जैसी चीज़ों से ज़रूरी खनिज निकाले जाएंगे। इससे देश की ज़रूरत के 30-40% खनिज मिल सकते हैं।
❓ खनिज ब्लॉकों की नीलामी क्यों की जा रही है?
सरकार खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर रही है। इससे निजी कंपनियों को खनिज निकालने का मौका मिलेगा और उत्पादन बढ़ेगा।
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Published: 13 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

