📅 30 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- देहरादून के दून अस्पताल में नवजात शिशु के शव के साथ नशे में धुत पिता मिला।
- पत्नी ICU में भर्ती, पिता को बच्चे की मौत का होश नहीं, अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाया।
📋 इस खबर में क्या है
क्या इंसानियत अब बस नाम की रह गई है? देहरादून के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, दून अस्पताल, से एक ऐसी खबर आई है, जो किसी का भी दिल दहला दे। एक पिता, अपनी पत्नी की डिलीवरी के बाद, अपने नवजात बच्चे के शव के साथ अस्पताल के बाहर सोया रहा। वजह? वो नशे में था और उसे ये तक होश नहीं था कि उसके बच्चे की मौत हो चुकी है।
कैसे हुआ ये सब?
ये कहानी शुरू होती है झारखंड के रांची से। एक मजदूर, अपनी 35 साल की गर्भवती पत्नी को लेकर सहसपुर अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उसे तुरंत दून अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार की सुबह महिला का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ। उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन बदकिस्मती से बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ।
अस्पताल के नियमों के मुताबिक, लेबर रूम के कर्मचारियों ने नवजात बच्चे का शव उसके पिता को सौंप दिया। मां को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। और फिर जो हुआ, वो और भी ज्यादा दुखद है। पिता, जो नशे में था, बच्चे के शव को एक प्लास्टिक की पन्नी में लपेटकर आईसीयू के बाहर ही अपने कपड़ों और सामान के साथ सो गया।
सबसे बड़ी बात ये है कि, जब अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की, तो लिफ्ट में ले जाते समय पन्नी से बच्चे के पैर बाहर निकल आए। ये देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन पुलिस को खबर दी।
अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?
दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. विनम्र मित्तल ने बताया कि पिता की मानसिक और शारीरिक हालत ठीक नहीं थी। तो बच्चे के शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया गया है। महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, और डॉक्टरों की टीम आईसीयू में उसका इलाज कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गुरुवार को स्थिति सामान्य होने पर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। — और ये बात अहम है — देखना ये है कि पुलिस जांच में क्या निकल कर आता है।
यह घटना वायरल हो गई है, सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग पिता की हालत पर दुख जता रहे हैं, तो कुछ अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। इस वायरल खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वाकई में इंसानियत इतनी सस्ती हो गई है? क्या एक नवजात बच्चे की मौत अब बस एक खबर बनकर रह जाएगी?
जहां तक बात है इस घटना की, तो ये सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं है। ये हमारे समाज का आइना है। ये दिखाती है कि हम कितने संवेदनहीन हो गए हैं। हमें सोचने की जरूरत है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। ये वायरल मामला हमें झकझोरने के लिए काफी है।
आजकल ऐसी खबरें वायरल होना आम बात हो गई है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हर खबर के पीछे एक इंसान होता है। एक दर्द होता है। हमें संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
🔍 खबर का विश्लेषण
ये घटना दिखाती है कि समाज में संवेदनशीलता कितनी कम हो गई है। अस्पताल प्रशासन को भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। नशे की हालत में किसी व्यक्ति को शव सौंपना लापरवाही है। इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ ये घटना कहां हुई?
ये घटना देहरादून के दून अस्पताल में हुई।
❓ बच्चे की मौत कैसे हुई?
बच्चा सिजेरियन डिलीवरी के दौरान मरा हुआ पैदा हुआ था।
❓ पिता बच्चे के शव के साथ क्यों सोया?
बताया जा रहा है कि पिता नशे में था और उसे बच्चे की मौत का होश नहीं था।
❓ अस्पताल प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
अस्पताल प्रशासन ने बच्चे के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच कर रही है।
❓ मां की हालत कैसी है?
मां की हालत गंभीर बनी हुई है और आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
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Published: 30 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

