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IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी, इंजीनियर पत्नी संग हिमाचल में जीवन

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धर्म
📅 06 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी, इंजीनियर पत्नी संग हिमाचल में जीवन - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • IITian बाबा अभय सिंह ने महाशिवरात्रि पर इंजीनियर पत्नी से हिमाचल के मंदिर में शादी की।
  • अभय और उनकी पत्नी सनातन यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं, जहाँ अध्यात्म से जुड़े गुरुओं को साथ लाया जाएगा।

प्रयागराज के महाकुंभ में अपने संन्यासी रूप से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह एक बार फिर खबरों में हैं। वजह है उनकी शादी। लंबे समय बाद उन्हें अपनी पत्नी के साथ झज्जर में देखा गया, जिससे उनके प्रशंसकों और जानने वालों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। अभय सिंह ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने इसी साल 15 फरवरी को शिवरात्रि के मौके पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर मंदिर में शादी की थी। इसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी कर ली।

भगवा वस्त्र पहने अभय सिंह अपने पिता के चैंबर में पहुंचे। उनके पिता कर्ण सिंह एक वकील हैं। दैनिक भास्कर की टीम से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे दोनों अपनी जिंदगी में खुश हैं और सादगी से जीवन बिता रहे हैं। अध्यात्म की ओर उनका रुझान पहले से था। उनकी पत्नी, प्रतीका, मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं और वह भी एक इंजीनियर हैं। फिलहाल, दोनों हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं। अभय सिंह मूल रूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता कर्ण सिंह वकील होने के साथ-साथ झज्जर बार एसोसिएशन के प्रधान भी रह चुके हैं।

अध्यात्म की राह

बॉम्बे IIT से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने वाले अभय सिंह का प्रयागराज महाकुंभ में संन्यासी के रूप में दिखना, देश-विदेश में खूब चर्चा का विषय बना था। — सोचने वाली बात है — अभय सिंह ने बताया कि उन्हें अपने पिता के चैंबर में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। पहले वे यहां आकर एप्लीकेशन चेक करते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें अध्यात्मिकता का सच समझ में आ गया था, पर आगे क्या करना है, यह तय नहीं था। वे बताते हैं कि जब वे घर पर अकेले होते थे, तो सोचते थे कि चैंबर में जाकर कुछ काम कर लें। वहां जाकर वे केस स्टडी करते रहते थे कि कौन सा केस कैसे लगता है।

अपनी शादी के बारे में अभय सिंह ने कहा कि इसमें छिपाने जैसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर हिमाचल के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की और फिर 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज की। उनकी पत्नी ही उन्हें वहां लेकर आई थीं, क्योंकि उन्हें बैंक में KYC भी करानी थी। इस दौरान धर्म और आध्यात्मिकता पर उनकी गहरी आस्था साफ़ झलक रही थी।

पत्नी के विचार

अभय की पत्नी प्रतीका ने बताया कि अभय सरल स्वभाव के हैं, और वे एक ईमानदार और सच्चे इंसान हैं। वे कर्नाटक से हैं और अभय से एक साल पहले मिली थीं। प्रतीका ने भी इंजीनियरिंग की है। अब वे दोनों सनातन को आगे बढ़ाने में काम करेंगे। उनका विचार है कि वे भविष्य में एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाएं, जहां अध्यात्म से जुड़े गुरु और साधक एक जगह पर मिल सकें। फिलहाल, वे झज्जर में अपने सास-ससुर और परिवार वालों से मिलने आए हैं।

इंजीनियर से संन्यासी बनने का सफर

अभय सिंह का जन्म झज्जर के सासरौली गांव में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई झज्जर जिले से ही की। पढ़ाई में वे हमेशा से ही होशियार थे। परिवार वाले उन्हें IIT की कोचिंग के लिए कोटा भेजना चाहते थे, लेकिन अभय ने दिल्ली में कोचिंग लेने की इच्छा जताई। कोचिंग के बाद अभय ने IIT का एग्जाम पास कर लिया और उन्हें IIT बॉम्बे में एडमिशन मिल गया। वहां से उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की और फिर डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री भी की। उनकी छोटी बहन कनाडा में रहती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार ने उन्हें बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेज दिया। कनाडा में अभय ने कुछ समय तक एरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम भी किया, जहां उन्हें अच्छी सैलरी मिलती थी।

कनाडा में फँसे

साल 2021 में कनाडा में लॉकडाउन लग गया, जिसके कारण अभय भी वहीं फंस गए। जब लॉकडाउन हटा, तो वे भारत लौट आए। भारत लौटने के बाद उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया, और वे धर्म और आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित हो गए। उनका यह सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने जीवन में कुछ अलग करना चाहते हैं।

आगे की राह

अभय सिंह और उनकी पत्नी प्रतीका अब सनातन को आगे बढ़ाने और एक यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि धर्म और आध्यात्मिकता के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी जा सकती है। वे दोनों मिलकर समाज के लिए कुछ बेहतर करने का संकल्प लिए हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी इस यात्रा में क्या मुकाम हासिल करते हैं। धर्म के मार्ग पर चलते हुए, वे निश्चित रूप से कई लोगों को प्रेरित करेंगे।

🔍 खबर का विश्लेषण

अभय सिंह का इंजीनियर से संन्यासी और फिर शादी करने का फैसला दिखाता है कि जीवन में बदलाव कभी भी आ सकते हैं। उनका सनातन यूनिवर्सिटी बनाने का विचार, धर्म और शिक्षा को एक साथ लाने का एक प्रयास है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने इस लक्ष्य को कैसे पूरा करते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ अभय सिंह की पत्नी का नाम क्या है और वे कहाँ की रहने वाली हैं?

अभय सिंह की पत्नी का नाम प्रतीका है, और वे मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। वह भी एक इंजीनियर हैं।

❓ अभय सिंह ने शादी कहाँ की?

अभय सिंह ने हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की।

❓ अभय सिंह पहले क्या करते थे?

अभय सिंह ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक किया था और कुछ समय तक कनाडा में एरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम भी किया था।

❓ अभय सिंह और उनकी पत्नी का भविष्य में क्या करने का विचार है?

अभय सिंह और उनकी पत्नी सनातन को आगे बढ़ाना चाहते हैं और भविष्य में एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं, जहाँ अध्यात्म से जुड़े गुरु और साधक एक साथ आ सकें।

❓ अभय सिंह खबरों में क्यों आए?

अभय सिंह प्रयागराज महाकुंभ में संन्यासी के रूप में नजर आने के बाद चर्चा में आए थे। अब वे अपनी शादी को लेकर फिर से सुर्खियों में हैं।

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Published: 06 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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