📅 18 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
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🔑 मुख्य बातें
- पोहरी नगर परिषद में 3 करोड़ के गबन का आरोप, अधिकारियों पर बिना मंज़ूरी भुगतान करने का आरोप।
- शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों को दी जानकारी, कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट में याचिका की चेतावनी।
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपकरणों की खरीद में अनियमितता, नियमों का उल्लंघन करने का आरोप।
📋 इस खबर में क्या है
शिवपुरी, मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पोहरी नगर परिषद में लगभग तीन करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा है, जिससे हड़कंप मच गया है। आरोप है कि परिषद के अधिकारियों ने बिना किसी स्वीकृति के भुगतान कर दिया, जिससे वित्तीय अनियमितताओं का संदेह गहरा गया है। इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है, और हर तरफ इसी बात की चर्चा है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यह मामला 5 अगस्त 2025 से 13 अप्रैल 2026 के बीच का है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत, पोहरी नगर परिषद ने कथित तौर पर कई तरह के उपकरण खरीदे। इनमें सीसीटीवी कैमरे, वाहन, ओपन जिम के सामान, एलईडी लाइट्स, और कंक्रीट के पाइप शामिल हैं। आरोप है कि इन सभी खरीदों और भुगतानों में तय नियमों का पालन नहीं हुआ।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इन कार्यों के लिए सक्षम अधिकारी से पहले कोई अनुमति नहीं ली गई। इतना ही नहीं, अधीक्षण अभियंता से भी सत्यापन नहीं कराया गया। इन आपत्तियों के बावजूद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) द्वारा लगातार भुगतान किया जाता रहा। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि इस दौरान लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान बिना किसी ज़रूरी मंज़ूरी के कर दिया गया। यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला है, जिसकी जांच होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे मामलों की निगरानी ज़रूरी है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शिकायतकर्ता का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर शिकायतकर्ता माखन सिंह धाकड़, जो कि राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति शिवपुरी के जिला अध्यक्ष हैं, ने इसे एक बहुत बड़ा घोटाला बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने इस बारे में कई बार नगरीय प्रशासन आयुक्त, संयुक्त संचालक ग्वालियर, और शिवपुरी के कलेक्टर को भी जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धाकड़ ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने निष्पक्ष जांच नहीं की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे। उनका आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हो रहा है।
धाकड़ ने यह भी कहा कि यह राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आगे क्या होगा?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है। — जो कि उम्मीद से अलग है — क्या कोई निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों को सज़ा मिलेगी? यह मामला फिलहाल जांच के घेरे में है, और लोगों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। यह घटना नगर पालिका प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि भ्रष्टाचार हमारे समाज में किस कदर फैला हुआ है। हमें मिलकर इसके खिलाफ लड़ना होगा। धाकड़ जैसे लोगों की वजह से ही ऐसे मामले सामने आते हैं, और दोषियों पर कार्रवाई हो पाती है। उम्मीद है कि इस मामले में भी इंसाफ होगा, और दोषियों को सज़ा मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार को कम करने के लिए सख्त कानून और उनके प्रभावी कार्यान्वयन की ज़रूरत है।
इस घटना से एक बात तो साफ है कि हमें अपने सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की ज़रूरत है। तभी हम भ्रष्टाचार को कम कर पाएंगे, और एक बेहतर समाज बना पाएंगे। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है कि हम सब मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह मामला स्थानीय प्रशासन में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल पोहरी नगर परिषद की छवि को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि राज्य सरकार पर भी सवाल खड़े करेगा। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ यह गबन कब हुआ?
यह गबन 5 अगस्त 2025 से 13 अप्रैल 2026 के बीच हुआ, जब स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपकरणों की खरीद की गई थी।
❓ शिकायतकर्ता कौन है?
शिकायतकर्ता माखन सिंह धाकड़ हैं, जो राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति शिवपुरी के जिला अध्यक्ष हैं।
❓ आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच नहीं करता है, तो शिकायतकर्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सकते हैं।
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Published: 18 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

