📅 02 अगस्त 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- रांची में हजारों छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
- 6 अगस्त को विधानसभा घेराव की योजना है, वहीं आंदोलन के दबाव में JPSC मुख्य परीक्षा टल गई है और अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है।
📋 इस खबर में क्या है
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इन दिनों हजारों छात्रों का डेरा है। ये वो छात्र हैं, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों से बुरी तरह खफा हैं। पिछले कई दिनों से हजारों की संख्या में छात्र यहां डटे हुए हैं, अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। गुस्सा बहुत है।
इन छात्रों का आंदोलन तब शुरू हुआ, जब JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आया। रिजल्ट में गड़बड़ियों के आरोप लगे और फिर क्या था, छात्र सड़कों पर उतर आए। अब यह आंदोलन कचहरी के पास जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक बड़े धरने में बदल गया है। छात्रों के इस प्रदर्शन को कई राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है, जिससे उनकी आवाज और बुलंद हो रही है। यही वजह है कि रांची पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। छात्रों ने साफ कह दिया है, अगर परीक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले लेगा।
छात्रों का अनिश्चितकालीन डेरा और उनकी पढ़ाई
स्टेडियम में चल रहा यह धरना फिलहाल अनिश्चितकालीन है। कई छात्र यहीं रह रहे हैं, अपना खाना खुद बना रहे हैं और यहीं खा रहे हैं। — और ये बात अहम है — बारिश का मौसम होने के कारण उनकी परेशानी थोड़ी बढ़ी है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तिरपाल लगाकर अपने लिए टेंट बना लिया है, ताकि मौसम की मार से बचा जा सके। सबसे बड़ी बात यह है कि इस धरने के बीच भी इन छात्रों ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी है। टेंट के अंदर ही किताबें खोलकर वे भविष्य की तैयारी में जुटे हैं। यह दिखाता है कि वे अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर कितने गंभीर हैं। छात्रों ने कसम खाई है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की पक्की गारंटी नहीं देती, तब तक वे इस धरने से एक इंच भी नहीं हिलेंगे।
विधानसभा घेराव की तैयारी: सरकार को खुली चुनौती
धरने पर बैठे इन छात्रों ने अब आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है। 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वे विधानसभा का घेराव करने वाले हैं। इस विधानसभा घेराव में झारखंड के कई जिलों से हजारों की संख्या में छात्रों के पहुंचने की उम्मीद है। यह सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। इतने सारे छात्रों का एक साथ जुटना, सरकार पर दबाव बनाने की उनकी पूरी तैयारी है। किसी भी तरह की अराजक स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। देखना यह है कि छात्र अपनी मांगों पर कितने कामयाब होते हैं।
आंदोलन का असर: परीक्षा टली, जांच तेज
इस छात्र आंदोलन का असर दिखना शुरू हो गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को फिलहाल टाल दिया है। यह छात्रों के लिए एक छोटी जीत है। यहीं नहीं, JPSC के अध्यक्ष रहे एल. खियांगते ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। JPSC परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच अब सीआईडी कर रही है। सीआईडी और रांची पुलिस की टीम ने JPSC कार्यालय के साथ-साथ खियांगते के आवास पर भी छापेमारी की है। इस मामले में अब तक लगभग एक दर्जन लोगों को सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। यह सब छात्रों के लगातार दबाव का नतीजा है। यह तो बस शुरुआत है।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह छात्र आंदोलन सिर्फ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग नहीं है, बल्कि झारखंड में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर गहरे भरोसे के संकट को दर्शाता है। सरकार के लिए यह सिर्फ एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का मौका है। अगर इन मांगों को सही ढंग से नहीं संभाला गया, तो इसका दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक असर हो सकता है, क्योंकि छात्रों का असंतोष किसी भी राज्य के विकास के लिए अच्छा संकेत नहीं होता।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ यह छात्र आंदोलन क्यों हो रहा है?
यह आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और धांधलियों के खिलाफ हो रहा है। छात्र पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
❓ छात्र फिलहाल कहां प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र रांची के कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वे वहीं रह रहे हैं, खाना बना रहे हैं और अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं।
❓ सरकार से उनकी मुख्य मांगें क्या हैं?
छात्रों की मुख्य मांग है कि JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और परीक्षा व्यवस्था में तुरंत सुधार की गारंटी दी जाए।
❓ इस आंदोलन से अब तक क्या बदलाव आए हैं?
आंदोलन के दबाव में JPSC की मुख्य परीक्षा-2025 स्थगित हो गई है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते ने इस्तीफा दे दिया है और गड़बड़ियों की जांच CID कर रही है, जिसमें कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
❓ छात्रों की आगे की क्या योजना है?
छात्रों ने 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई है। इसमें राज्य भर से हजारों छात्रों के जुटने की उम्मीद है।
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Published: 02 अगस्त 2026 | HeadlinesNow.in

