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क्या एडम बैक ही हैं बिटकॉइन के जनक सतोशी नाकामोतो? AI जांच में

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तकनीक
📅 09 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
क्या एडम बैक ही हैं बिटकॉइन के जनक सतोशी नाकामोतो? AI जांच में - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में AI विश्लेषण के आधार पर एडम बैक को सतोशी नाकामोतो बताया गया है।
  • एडम बैक ने इन दावों का खंडन किया है, पर उन्होंने ‘हैशकैश’ तकनीक बनाई थी, जिसका बिटकॉइन में इस्तेमाल हुआ।

बिटकॉइन, आज दुनिया की सबसे चर्चित क्रिप्टोकरेंसी, किसने बनाई, ये सवाल आज भी रहस्य बना हुआ है। 15 साल बीत गए, लेकिन ‘सतोशी नाकामोतो’ नाम के पीछे का शख्स कौन है, ये कोई नहीं जानता। अब, न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक खोजी रिपोर्ट ने इस गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। उनका कहना है कि ब्रिटिश क्रिप्टोग्राफर एडम बैक ही सतोशी नाकामोतो हो सकते हैं। लेकिन एडम बैक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

कैसे AI ने की पहचान?

न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार जॉन कैरीरू ने सतोशी की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली। उन्होंने 1992 से 2008 के बीच क्रिप्टोग्राफी ग्रुप्स में भेजे गए हजारों ईमेल को AI में डाला। AI ने पाया कि सतोशी के लिखने का तरीका, शब्दों का चयन और व्याकरण की गलतियां काफी हद तक एडम बैक से मिलती-जुलती हैं। मसलन, सतोशी अक्सर कंपाउंड शब्दों के बीच हाइफ़न (-) का इस्तेमाल नहीं करते थे, और “its” और “it’s” के प्रयोग में गलतियां करते थे। कुछ ऐसी ही गलतियां एडम बैक भी करते हैं।

इसके बाद कैरीरू ने AI टीम के पत्रकार डायलन फ्रीडमैन की मदद ली। उनका मानना था कि सतोशी क्रिप्टोग्राफी कम्युनिटी के सदस्य थे। उन्होंने तीन मेलिंग लिस्ट्स के डेटाबेस को इकट्ठा किया, ताकि उनमें कुछ भी सर्च किया जा सके। जांच में 34,000 से ज्यादा यूजर्स मिले, जिनमें से कम पोस्ट करने वालों को हटाने पर 1,615 नाम बचे। फिर डिजिटल मनी पर चर्चा नहीं करने वालों को हटाने से 620 लोग बचे। इन 620 लोगों ने मिलकर 134,308 पोस्ट लिखे थे। पर्यायवाची सब्दों की जांच में एडम बैक सबसे ऊपर आए, जिनके 521 ‘बिना पर्यायवाची’ वाले शब्द सतोशी से मेल खाते थे।

एडम बैक पर शक की 3 बड़ी वजहें

एडम बैक पर शक की कई वजहें हैं। पहली, उन्होंने ‘हैशकैश’ बनाया था, जिसका इस्तेमाल सतोशी ने बिटकॉइन की माइनिंग में किया। हैशकैश एक ‘प्रूफ-ऑफ-वर्क’ सिस्टम है, जिसे ईमेल स्पैम रोकने के लिए बनाया गया था। बाद में इस तकनीक का इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी में हुआ। दूसरी वजह, एडम ब्लॉकस्ट्रीम के CEO हैं, जो ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है। ब्लॉकचेन एक ऐसी तकनीक है जिसमें दर्ज जानकारी को कोई अकेला व्यक्ति बदल या मिटा नहीं सकता। यह एक सर्वर के बजाय नेटवर्क के सभी कंप्यूटर्स पर रहती है। तीसरी वजह यह है कि एडम खुद मानते हैं कि वे शक के दायरे में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि सतोशी भी उनकी तरह 50 साल के आसपास का ब्रिटिश ‘साइफरपंक’ हो सकता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट सामने आने के बाद एडम बैक ने कहा कि AI ने जिन समानताओं को पकड़ा है, वे केवल एक इत्तेफाक हैं। उनके मुताबिक, एक ही फील्ड और रुचि के लोगों की भाषा और शब्द अक्सर एक जैसे हो सकते हैं। उन्होंने बिटकॉइन का जनक होने से साफ़ इनकार किया है, पर कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब वे खुद को शक के दायरे में सबसे ऊपर बताते हैं। क्या ये सिर्फ एक संयोग है, या फिर सच में दाल में कुछ काला है?

क्या होगा अगर एडम बैक ही सतोशी निकले?

अगर ये सच साबित होता है कि एडम बैक ही सतोशी नाकामोतो हैं, तो ये क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक बहुत बड़ा खुलासा होगा। इससे बिटकॉइन की वैल्यू में ज़बरदस्त उछाल आ सकता है, क्योंकि लोगों को पता चल जाएगा कि इसे बनाने वाला कौन है। लेकिन, इससे एडम बैक की प्राइवेसी पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि वे हमेशा लाइमलाइट से दूर रहे हैं। फिलहाल, ये मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या मोड़ आता है। क्या सतोशी नाकामोतो का असली चेहरा दुनिया के सामने आएगा? या फिर ये रहस्य हमेशा के लिए दफन हो जाएगा? फिलहाल, तकनीक की दुनिया इस सवाल का जवाब जानने के लिए बेताब है।

🔍 खबर का विश्लेषण

अगर एडम बैक ही सतोशी नाकामोतो साबित होते हैं, तो ये क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में भूचाल ला देगा। बिटकॉइन की वैल्यू आसमान छू सकती है, लेकिन बैक की निजता खतरे में पड़ जाएगी। ये मामला अभी उलझा हुआ है और तकनीक जगत को इसके नतीजे का बेसब्री से इंतजार है। इससे तकनीक और एआई की भूमिका पर भी सवाल उठेंगे।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ सतोशी नाकामोतो कौन है?

सतोशी नाकामोतो बिटकॉइन के जनक माने जाते हैं, लेकिन उनकी असली पहचान आज तक एक रहस्य है। किसी को नहीं पता कि ये कोई व्यक्ति है या कोई समूह।

❓ एडम बैक कौन हैं?

एडम बैक एक ब्रिटिश क्रिप्टोग्राफर हैं और ब्लॉकस्ट्रीम के CEO हैं। उन्होंने ‘हैशकैश’ तकनीक बनाई थी, जिसका इस्तेमाल बिटकॉइन माइनिंग में हुआ था।

❓ न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में AI विश्लेषण के आधार पर दावा किया गया है कि एडम बैक की लेखन शैली सतोशी नाकामोतो से मिलती-जुलती है।

❓ एडम बैक ने इन आरोपों पर क्या कहा?

एडम बैक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि AI ने जिन समानताओं को पकड़ा है, वे केवल एक इत्तेफाक हैं।

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Published: 09 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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