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लाखों की नौकरी छोड़ RAS बने अभिनव, अजमेर के हरियश ने भी मारी बाजी

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शिक्षा
📅 19 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
लाखों की नौकरी छोड़ RAS बने अभिनव, अजमेर के हरियश ने भी मारी बाजी - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • अभिनव सैनी ने लाखों की नौकरी छोड़कर RAS परीक्षा में 89वीं रैंक हासिल की।
  • अजमेर के हरियश राजपुरोहित ने 17वीं रैंक प्राप्त की, उनके पिता मार्बल व्यवसायी हैं।

राजस्थान में हाल ही में RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) परीक्षा के नतीजे घोषित हुए हैं, और इन नतीजों ने कई युवाओं के सपनों को साकार किया है। इन सफल उम्मीदवारों में से कुछ ऐसे हैं जिनकी कहानियां प्रेरणादायक हैं।

सफलता की कहानियां

अजमेर जिले के किशनगढ़ के पास उजोली गांव के हरियश राजपुरोहित ने RAS परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की है। हरियश, जो अभी कॉपरेटिव सेवा में हैं, एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता, रामभरोस सिंह राजपुरोहित, मार्बल के व्यवसायी हैं।

वहीं, भीनाय तहसील के शिवचरण जाट ने 557वीं रैंक प्राप्त की है। शिवचरण पिछले चार सालों से गांव प्रतापपुरा में सरकारी टीचर हैं, और उनके पिता एक किसान हैं। शिवचरण ने बताया कि इससे पहले भी वे 11 राजकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। उन्होंने SI भर्ती परीक्षा भी दी थी, जिसमें उन्होंने 476वीं रैंक हासिल की थी।

अजमेर के स्यार गांव के भूपेंद्र सिंह राठौर ने 342वीं रैंक हासिल की है। भूपेंद्र के पिता ऑर्गेनिक खेती करते हैं, और उनकी मां हाउस वाइफ हैं। भूपेंद्र ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिसमें जमीन पर कब्जे और मुकदमे शामिल थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

अभिनव की प्रेरणादायक कहानी

चूरू के रहने वाले अभिनव सैनी ने 89वीं रैंक हासिल की है। अभिनव अभी अजमेर में तहसीलदार की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उनके पिता, रामकृष्ण सैनी, एक प्राइवेट जॉब करते हैं। अभिनव ने RAS 2023 में 120वीं रैंक हासिल की थी। यह उनका दूसरा प्रयास था। सबसे खास बात यह है कि अभिनव ने लाखों का पैकेज छोड़कर RAS बनने का फैसला किया।

अभिनव ने बताया कि उनके पिता और मां का सपना था कि वे उन्हें RAS अधिकारी के रूप में देखें। उनका राजस्थान से गहरा जुड़ाव था, जिसके कारण उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर तैयारी करने का निर्णय लिया। अभिनव ने इंटरव्यू के दौरान AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद ली, जिससे उन्हें सवालों को समझने और जवाब देने में सहायता मिली।

अन्य सफल उम्मीदवार

भीलवाड़ा के गुलाबपुरा के रहने वाले नवनीत शर्मा ने तीसरी रैंक हासिल की है। वे अभी अजमेर में तहसीलदार की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उनके पिता, मुकेश शर्मा, खामोर में ग्रेड थर्ड टीचर हैं।

सज्जनगढ़ की आकांक्षा पटेल को 689वीं रैंक मिली है। आकांक्षा ने RAS परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता प्राप्त की है। आकांक्षा 2023 में भी चयनित होकर नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।

परीक्षा और शिक्षा का महत्व

इन सभी सफल उम्मीदवारों की कहानियां दर्शाती हैं कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षा का महत्व यहाँ स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, क्योंकि इन युवाओं ने अपनी शिक्षा के माध्यम से ही सफलता की ऊँचाइयों को छुआ है। शिक्षा वह नींव है जिस पर एक बेहतर भविष्य का निर्माण होता है, और इन RAS अधिकारियों ने इसे साबित कर दिखाया है। इन युवाओं की सफलता की कहानी अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगी जो अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

आगे की राह

देखना यह है कि ये अधिकारी अब राजस्थान की सेवा में किस प्रकार अपना योगदान देते हैं। इनकी सफलता न केवल इनके परिवारों के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। यह भी देखना होगा की क्या AI की मदद से इंटरव्यू में सफलता मिलना एक नया ट्रेंड बनता है या नहीं।

🔍 खबर का विश्लेषण

RAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले इन युवाओं की कहानियां दर्शाती हैं कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। अभिनव का लाखों की नौकरी छोड़कर RAS बनना युवाओं को प्रेरित करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये अधिकारी राज्य के विकास में कैसे योगदान करते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ अभिनव सैनी ने RAS परीक्षा में कौन सी रैंक हासिल की?

अभिनव सैनी ने RAS परीक्षा में 89वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने लाखों का पैकेज छोड़कर यह सफलता प्राप्त की।

❓ हरियश राजपुरोहित कहाँ के रहने वाले हैं और उन्होंने कौन सी रैंक प्राप्त की?

हरियश राजपुरोहित अजमेर जिले के किशनगढ़ के पास उजोली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने RAS परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की है।

❓ नवनीत शर्मा ने RAS परीक्षा में कौन सी रैंक हासिल की और उनके पिता क्या करते हैं?

नवनीत शर्मा ने RAS परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल की है। उनके पिता, मुकेश शर्मा, खामोर में ग्रेड थर्ड टीचर हैं।

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Published: 19 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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