📅 22 जुलाई 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- कांग्रेस ने NEET और पेपर लीक के विरोध में PM आवास पर धरना दिया।
- राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा समेत कई नेता पुलिस हिरासत में लिए गए।
- 3 घंटे बाद नेताओं को रिहा किया गया; राहुल ने PM से माफी मांगी।
📋 इस खबर में क्या है
दिल्ली की राजनीति में मंगलवार को तब गर्माहट आ गई, जब कांग्रेस पार्टी ने NEET विवाद और दूसरे पेपर लीक मामलों में छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच किया। इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। यह सब तब हुआ जब देशभर के छात्र परीक्षा घोटालों से जूझ रहे हैं और सरकार से जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं।
कांग्रेस का साफ कहना था कि सरकार NEET जैसे बड़े परीक्षा घोटालों पर चुप्पी साधे हुए है, और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। राहुल गांधी ने तो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग कर डाली। आपको बता दें, एक दिन पहले हुए ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी, जिस पर भी कांग्रेस ने सरकार से जवाबदेही मांगी। सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता 7, लोक कल्याण मार्ग, यानी पीएम आवास के बाहर जमा होने लगे थे। माहौल काफी चार्ज था, और सुरक्षाकर्मियों ने पहले ही इलाके को घेर रखा था। जैसे ही नेताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
हाईवोल्टेज ड्रामा और हिरासत
हालाँकि, प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी। करीब तीन घंटे के धरने के बाद, जब पुलिस ने नेताओं को हटाने की कोशिश की, तो जबरदस्त धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने दो बार राहुल गांधी से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। यह जा जानना जरूरी है कि इसके बाद सौ से ज़्यादा पुलिसकर्मी राहुल गांधी को हिरासत में लेने आए, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। एक वक्त तो ऐसा आया जब राहुल गांधी ज़मीन पर लेट गए, और पुलिस को उन्हें जबरदस्ती उठाना पड़ा। तस्वीरों में देखा गया कि 12 से ज़्यादा पुलिसकर्मी उन्हें हाथ-पैर पकड़कर उठाकर बस में बैठा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अपने नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची थीं, लेकिन उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं मिली। कुल मिलाकर, लगभग 3 घंटे की हिरासत के बाद, रात 9:45 बजे सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। अखिलेश यादव समेत सभी प्रमुख चेहरों को छोड़ दिया गया, जिससे प्रदर्शन की तात्कालिक गंभीरता थोड़ी कम हुई।
रिहाई के बाद राहुल का सीधा संदेश
रिहा होने के तुरंत बाद, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सरकार पर पुलिस ज्यादती और संसद में चर्चा से बचने का आरोप भी लगाया। — सोचने वाली बात है — राहुल ने एक बार फिर दोहराया कि NEET जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। यह मुद्दा अब सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और देश की राजनीति के भरोसे का बन गया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।
आगे क्या?
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखने के मूड में है। यह आने वाले समय में देश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना रह सकता है, खासकर तब जब बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मामले युवाओं के बीच असंतोष बढ़ा रहे हैं। सरकार को इन मुद्दों पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने होंगे, वरना यह गुस्सा और बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़े हुए दबाव का सामना कैसे करती है और क्या कोई सार्थक समाधान निकल पाता है।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह प्रदर्शन कांग्रेस की छात्र केंद्रित राजनीति को दिखाता है। NEET विवाद ने युवा मतदाताओं के बीच गहरी नाराजगी पैदा की है, जिसे कांग्रेस भुनाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी की हिरासत और उनके इस्तीफे की मांग ने मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और गरमा दिया है। सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ेगा, और यह आने वाले चुनावों में एक अहम फैक्टर बन सकता है, क्योंकि युवाओं का गुस्सा निर्णायक साबित हो सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास पर प्रदर्शन क्यों किया?
कांग्रेस ने NEET परीक्षा विवाद और अन्य पेपर लीक मामलों में छात्रों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और धरना दिया।
❓ प्रदर्शन में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल थे?
इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
❓ राहुल गांधी को हिरासत में कैसे लिया गया?
जब पुलिस उन्हें हटाने आई तो राहुल गांधी जमीन पर लेट गए। पुलिस को 12 से ज़्यादा अधिकारियों की मदद से उन्हें हाथ-पैर पकड़कर उठाना पड़ा और बस में बिठाकर हिरासत में लिया गया।
❓ नेताओं को कितने समय तक हिरासत में रखा गया और कहां?
नेताओं को लगभग तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया था, जिसके बाद उन्हें देर रात रिहा कर दिया गया।
❓ रिहाई के बाद राहुल गांधी ने क्या मुख्य मांग की?
रिहाई के बाद राहुल गांधी ने ‘X’ पर एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग दोहराई।
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Published: 22 जुलाई 2026 | HeadlinesNow.in

