📅 25 मार्च 2026 | HeadlinesNow Desk

🔑 मुख्य बातें
- रोहित पवार ने अजित पवार की मौत को लेकर साजिश का आरोप लगाया है।
- कर्नाटक पुलिस ने रोहित पवार की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की है।
- DGCA की रिपोर्ट में विमान में कई अनियमितताएं पाई गई हैं।
📋 इस खबर में क्या है
28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर अब एक नया मोड़ आया है। अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इस मामले में साजिश का आरोप लगाते हुए कर्नाटक पुलिस में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई है। रोहित पवार ने मुंबई, दिल्ली और पुणे में गंभीर आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं।
रोहित पवार ने दर्ज कराई जीरो एफआईआर
रोहित पवार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 173(1) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए विस्तृत शिकायत दी थी। शिकायत के बाद कर्नाटक पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। रोहित पवार का कहना है कि उन्होंने इससे पहले मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन (25 फरवरी 2026) और बारामती पुलिस स्टेशन (26 फरवरी 2026) में भी एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन वहां एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुणे CID द्वारा केवल Accidental Death Report के रूप में जांच किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने आपराधिक जांच की मांग की। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विमान हादसे में अनियमितताओं के आरोप
रोहित पवार के अनुसार, 28 जनवरी को सुबह करीब 8:43 से 8:45 बजे के बीच वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का बॉम्बार्डियर लीयरजेट 45 (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) मुंबई से बारामती जा रहा था, तभी एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया। विमान में अजित पवार समेत कुल 5 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। शिकायत में दावा किया गया है कि यह हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का परिणाम है। इसमें कई गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
DGCA की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
24 फरवरी 2026 को DGCA की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में वीएसआर कंपनी के विमान असुरक्षित पाए गए थे। कंपनी के विमानों को ग्राउंड कर दिया गया था। इसके साथ ही विमान के फ्लाइट घंटे छिपाने का भी आरोप है। आरोप है कि विमान ने लगभग 4,915 घंटे उड़ान भरी थी (TBO लिमिट 5,000 घंटे), लेकिन असल में विमान 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ चुका था। लॉगबुक में गलत जानकारी दर्ज कर नियमों का उल्लंघन किया गया। खराब मौसम में लैंडिंग की अनुमति देने का भी आरोप है। हादसे के समय विजिबिलिटी 2,000 से 3,000 मीटर थी, जबकि नियमों के अनुसार 5 किलोमीटर से कम विजिबिलिटी में लैंडिंग की अनुमति नहीं होती है। DGCA सर्टिफिकेट में भी गड़बड़ी पाई गई है। एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट 16 दिसंबर 2021 का है, जबकि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 27 दिसंबर 2022 का है। नियमों के अनुसार पहले रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, फिर एयरवर्थनेस। यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
पायलट पर भी उठे सवाल
शिकायत में पायलट पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। विमान पहले अमेरिका में N80PQ नाम से ऑपरेट होता था। वहां से अनफिट घोषित होने के बाद भी भारत में उपयोग किया गया। चीफ पायलट सुमित कपूर 2010 और 2017 में शराब पीकर उड़ान भरने के मामले में पकड़े गए थे। DGCA ने उन्हें 3 साल के लिए सस्पेंड किया था, फिर भी उन्हें वीआईपी फ्लाइट की जिम्मेदारी दी गई। आखिरी वक्त में क्रू बदला गया और असली पायलट को ट्रैफिक में फंसा बताकर बदला गया। इस दावे का कोई CCTV या सबूत नहीं है। वीएसआर ने हाल ही में पायलट का बीमा कराया था, जिसे संदिग्ध बताया गया है।
निष्कर्ष
पुणे विमान हादसे को लेकर रोहित पवार द्वारा दर्ज कराई गई जीरो एफआईआर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब देखना यह है कि कर्नाटक पुलिस की जांच में क्या निकलकर सामने आता है। इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
🔍 खबर का विश्लेषण
अजित पवार की मौत के मामले में साजिश का आरोप लगने से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ सकता है। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। यह मामला कई सवाल खड़े करता है, जैसे कि विमान को खराब मौसम में लैंडिंग की अनुमति कैसे दी गई, और पायलट के पिछले रिकॉर्ड को क्यों नजरअंदाज किया गया।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ रोहित पवार ने जीरो एफआईआर कहां दर्ज कराई?
रोहित पवार ने कर्नाटक पुलिस में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने मुंबई और बारामती पुलिस स्टेशन में भी संपर्क किया था, लेकिन वहां एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
❓ विमान हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी।
❓ DGCA की रिपोर्ट में क्या खुलासे हुए?
DGCA की रिपोर्ट में वीएसआर कंपनी के विमान असुरक्षित पाए गए थे। इसके साथ ही विमान के फ्लाइट घंटे छिपाने और नियमों का उल्लंघन करने के भी आरोप हैं।
❓ पायलट पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
पायलट पर शराब पीकर उड़ान भरने और पहले भी सस्पेंड होने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही आखिरी वक्त में क्रू बदलने का भी आरोप है।
❓ रोहित पवार ने किस धारा के तहत एफआईआर दर्ज कराई?
रोहित पवार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 173(1) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
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Published: 25 मार्च 2026 | HeadlinesNow.in

