📅 26 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- वीवो, शाओमी और ओप्पो अब प्रीमियम स्मार्टफोन में एक्सटर्नल लेंस जोड़ रही हैं, जिससे कैमरे की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
- एप्पल, सैमसंग और गूगल सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बेहतर फोटो क्वालिटी देने पर ध्यान दे रहे हैं।
📋 इस खबर में क्या है
स्मार्टफोन कैमरों की दुनिया में एक नया दौर शुरू हो गया है। अब कंपनियां फोटोग्राफी के शौकीनों को लुभाने के लिए DSLR जैसे फीचर्स दे रही हैं। कुछ साल पहले तक जहां सिर्फ आईफोन, गूगल पिक्सल और सैमसंग गैलेक्सी जैसे महंगे फोन ही अच्छी फोटो क्वालिटी के लिए जाने जाते थे, वहीं अब मिड-रेंज के फोन भी इस रेस में शामिल हो गए हैं।
सीधी बात है, जब सब अच्छा कैमरा देने लगे, तो कुछ नया करना ही था।
एक्सटर्नल लेंस का चलन
इस होड़ में वीवो, शाओमी और ओपो जैसे ब्रांड एक अलग रास्ता अपना रहे हैं। ये कंपनियां अब अपने प्रीमियम स्मार्टफोन में एक्सटर्नल लेंस जोड़ने पर ध्यान दे रही हैं। यानी फोन के कैमरे की क्षमता को अलग से बढ़ा सकते हैं। शाओमी ने तो एक कदम और आगे बढ़कर अपने फोन में मूविंग कैमरा सिस्टम दिया है।
शाओमी का मूविंग कैमरा: शाओमी के 17 अल्ट्रा में एक ऐसा कैमरा सिस्टम है जो फोन के अंदर ही मूव करता है। — जो कि उम्मीद से अलग है — इससे फोटो लेते समय यूजर को ज्यादा कंट्रोल मिलता है। इसमें 67mm माउंट भी है, जिससे अलग-अलग तरह के कैमरा लेंस इस्तेमाल किए जा सकते हैं। लेकिन इस फोन की कीमत भारत में 1.40 लाख रुपये से शुरू होती है और फोटोग्राफी किट की कीमत लगभग 20 हजार रुपये है।
ओप्पो का Hasselblad कनेक्शन
ओप्पो भी इस मामले में पीछे नहीं है। ओप्पो के फाइंड X9 प्रो में 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा है, जबकि फाइंड X9 अल्ट्रा में दो 200 मेगापिक्सल के कैमरे दिए गए हैं। एक्सटर्नल लेंस लगाने पर जूम और फोकस के लिए अलग रिंग मिलती है, ठीक वैसे ही जैसे DSLR में होती है। ओप्पो ने कैमरे की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए कैमरा ब्रांड Hasselblad के साथ पार्टनरशिप भी की है। इस फोन की कीमत 1.10 लाख रुपये से शुरू होती है।
यह बड़ी बात है कि कंपनियां कैमरे की क्वालिटी को लेकर इतना गंभीर हैं।
वीवो का ज़ूम धमाका
वीवो X300 अल्ट्रा में भी दो 200MP कैमरे हैं, जिनमें से एक प्राइमरी है और दूसरा टेलीफोटो (जूम) कैमरा है। इस कैमरे में 105x तक का डिजिटल जूम है। सबसे खास बात यह है कि इसमें एक्सटर्नल लेंस भी लगाया जा सकता है, जिससे जूम की क्षमता 20x तक और बढ़ जाती है। यह लेंस जर्मन कंपनी ZEISS के साथ मिलकर बनाया गया है। वीवो का यह फोन 6 मई को लॉन्च होने वाला है।
एक्सटर्नल लेंस कैसे करते हैं काम?
ये एक्सटर्नल लेंस सीधे फोन के टेलीफोटो कैमरे के ऊपर लगाए जाते हैं और टेलीस्कोप की तरह काम करते हैं। ये फोन के बेस जूम को कई गुना बढ़ा देते हैं। आमतौर पर इससे ऑप्टिकल जूम 10x से 20x तक पहुंच सकता है। किट में दिए गए बटन से यूजर फोटो क्लिक कर सकता है, जूम कंट्रोल कर सकता है और मैनुअल फोकस जैसी सेटिंग्स भी एडजस्ट कर सकता है।
एप्पल, सैमसंग और गूगल का क्या है प्लान?
जहां वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसे ब्रांड हार्डवेयर पर जोर दे रहे हैं, वहीं एप्पल, सैमसंग और गूगल सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ध्यान दे रहे हैं। सैमसंग ने एस23 अल्ट्रा के बाद से अपने कैमरे में कोई बड़ा हार्डवेयर अपडेट नहीं दिया है। आईफोन 14 प्रो के बाद कैमरे में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। आईफोन 15 प्रो और 16 प्रो में भी मुख्य सेंसर 48MP ही है। गूगल आज भी अपने फोन में 50MP का सेंसर दे रहा है, जो पिक्सल 6 में भी दिया गया था। गूगल अपने कैमरा के एआई फीचर्स में अपडेट दे रहा है।
भविष्य की तकनीक
सवाल यह है कि क्या एक्सटर्नल लेंस वाला यह ट्रेंड आगे बढ़ेगा? या फिर कंपनियां सॉफ्टवेयर और एआई के जरिए ही बेहतर फोटो क्वालिटी देने पर ध्यान देंगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तय है कि स्मार्टफोन कैमरों की तकनीक में लगातार बदलाव हो रहे हैं और कंपनियां ग्राहकों को बेहतर फोटोग्राफी अनुभव देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।
तकनीक की इस दौड़ में देखना दिलचस्प होगा कि कौन आगे निकलता है।
🔍 खबर का विश्लेषण
स्मार्टफोन कैमरों में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच एक जंग छिड़ी हुई है। वीवो, ओप्पो और शाओमी जहां एक्सटर्नल लेंस के साथ DSLR जैसे अनुभव पर जोर दे रहे हैं, वहीं एप्पल, सैमसंग और गूगल एआई के दम पर बेहतर तस्वीरें लेने का दावा कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी तकनीक ग्राहकों को ज्यादा पसंद आती है। मेरा मानना है कि एआई का भविष्य उज्जवल है, क्योंकि यह हर तरह के हार्डवेयर के साथ काम कर सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ एक्सटर्नल लेंस कैसे काम करते हैं?
ये लेंस फोन के टेलीफोटो कैमरे के ऊपर लगाए जाते हैं और टेलीस्कोप की तरह काम करते हैं। ये फोन के बेस जूम को कई गुना बढ़ा देते हैं, जिससे ऑप्टिकल जूम बढ़ जाता है।
❓ क्या एक्सटर्नल लेंस सभी स्मार्टफोन के साथ काम करते हैं?
नहीं, एक्सटर्नल लेंस खास तौर पर कुछ प्रीमियम स्मार्टफोन के लिए बनाए जाते हैं। आपको यह देखना होगा कि आपका फोन एक्सटर्नल लेंस को सपोर्ट करता है या नहीं।
❓ एप्पल, सैमसंग और गूगल कैमरे के लिए क्या कर रहे हैं?
ये कंपनियां सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ध्यान दे रही हैं। वे एआई के जरिए फोटो की क्वालिटी को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
❓ क्या एक्सटर्नल लेंस से DSLR जैसी फोटो क्वालिटी मिल सकती है?
एक्सटर्नल लेंस से आप जूम और फोकस को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन DSLR जैसी क्वालिटी के लिए आपको अभी भी DSLR कैमरे की जरूरत होगी।
❓ क्या यह तकनीक आम आदमी के लिए है?
अभी यह तकनीक महंगी है और सिर्फ प्रीमियम स्मार्टफोन में ही उपलब्ध है। लेकिन आने वाले समय में यह तकनीक मिड-रेंज के फोन में भी आ सकती है।
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Published: 26 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

