📅 01 मई 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- योगी सरकार ओबीसी बेटियों की शादी के लिए देगी आर्थिक मदद, 20 हजार रुपये मिलेंगे सीधे खाते में।
- विकलांग, विधवा और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता, पारदर्शिता के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया।
📋 इस खबर में क्या है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार अब ओबीसी वर्ग की गरीब बेटियों की शादी में आर्थिक मदद करेगी। 2025-26 में 1 लाख से ज्यादा बेटियों को इस योजना का लाभ मिला है। सरकार की इस पहल से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
गरीब परिवारों के लिए सहारा
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा से ही समाज के कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए प्रयासरत रहे हैं, और उनकी सरकार की योजनाएं इसी दिशा में काम कर रही हैं। शादी अनुदान योजना के तहत सरकार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने 1,16,000 से अधिक बेटियों को 232 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। आप सोच रहे होंगे कि यह योजना कैसे काम करती है, तो आपको बता दें कि इस योजना में विकलांग, विधवा, आपदा से पीड़ित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया में कोई बिचौलिया न हो, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है। लड़की की उम्र 18 साल से ज्यादा और लड़के की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
पारदर्शिता पर जोर
योगी सरकार ने इस योजना को लेकर पारदर्शिता पर खास ध्यान दिया है। साल 2016-17 से यह योजना पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई है। जो भी इस योजना का लाभ लेना चाहता है, वह शादी की तारीख से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। ग्रामीण इलाकों में खंड विकास अधिकारी और शहरी इलाकों में उपजिलाधिकारी ऑनलाइन सत्यापन करते हैं। पर बात यहीं खत्म नहीं होती — , वित्तीय वर्ष 2023-24 से आवेदक और लाभार्थी की बेटी का आधार प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिली है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़े वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है। इस योजना से गरीब परिवारों को अपनी बेटियों की शादी करने में आसानी होगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो लाभार्थियों का चयन करती है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और सांसद व विधायक भी शामिल होते हैं। राजनीति में ऐसे कदम सराहनीय हैं।
राजनीति में ऐसी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, खासकर जब वे समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाती हैं। देखना होगा कि आने वाले समय में इस योजना का और कितना विस्तार होता है, और यह कितनी और गरीब बेटियों के जीवन में खुशहाली लाती है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। राजनीति में ऐसे प्रयास जारी रहने चाहिए।
अगले चुनाव में देखना होगा की इस योजना का क्या असर होता है। राजनीति में लोक-लुभावन वादे तो सब करते हैं, पर ज़मीनी स्तर पर काम करना महत्वपूर्ण है।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह योजना उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि बाल विवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल सराहनीय है और इसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। ऐसे कदम राजनीति में विश्वास बढ़ाते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ इस योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
❓ इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है और लड़की की उम्र 18 साल से ज्यादा और लड़के की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
❓ आवेदन कैसे करें?
आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। शादी की तारीख से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक आवेदन किया जा सकता है।
📰 और पढ़ें:
देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए HeadlinesNow.in पर बने रहें।
Published: 01 मई 2026 | HeadlinesNow.in

