📅 02 मई 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- राहुल गांधी ने भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया, गुजरात भाजपा अध्यक्ष के बयान पर जताई आपत्ति।
- जगदीश विश्वकर्मा ने अपने बयान पर सफाई दी, कहा कि उनका इरादा किसी महिला का अपमान करना नहीं था।
📋 इस खबर में क्या है
अहमदाबाद, 2 मई 2026। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा को घेरा। गांधी ने कहा कि भाजपा का ‘नारी वंदन’ अब सिर्फ एक मुखौटा है, असलियत में वो महिला विरोधी हैं।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि गुजरात भाजपा अध्यक्ष ने गेनीबेन ठाकोर पर जो अभद्र टिप्पणी की है, उससे भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ शर्मनाक नहीं, बल्कि भाजपा की मनुवादी और महिला विरोधी विचारधारा को दर्शाता है। गांधी ने सवाल उठाया कि क्या यही है भाजपा का ‘नारी वंदन’? क्या ऐसे होगा महिलाओं का सशक्तिकरण? उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता को चुनौती देने वाली महिलाओं को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी कांग्रेस की महिला सांसदों के सवालों से घबराकर संसद छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने मोदी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि ‘नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती’, मगर भाजपा खुद यह भूल गई। राहुल गांधी ने भाजपा को चेतावनी दी कि गुजरात के साथ पूरे हिंदुस्तान की महिलाएं इस अपमान का करारा जवाब देंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में आगे क्या होता है।
विश्वकर्मा का विवादित बयान
यह विवाद जगदीश विश्वकर्मा के एक बयान से शुरू हुआ। बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि भाजपा ने 30 साल बाद बनासकांठा जिला पंचायत पर कब्जा कर लिया है, और उन्होंने इस जीत को गेनीबेन ठाकोर की ‘साड़ी के पल्लू’ से सत्ता छीनने के रूप में बताया था। उनके इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। उनका कहना था, ‘आने वाले दिनों में हमारी माताएं और बहनें इसका करारा जवाब देंगी और आपके गढ़ और आपकी साड़ी के पल्लू से आपकी सीटें छीन लेंगी।’
लेकिन विवाद बढ़ने पर विश्वकर्मा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणी केवल राजनीतिक थी और उनका इरादा किसी भी महिला का अपमान करना नहीं था। लेकिन तब तक बात बहुत आगे बढ़ चुकी थी, और राजनीति गरमा गई थी।
गेनीबेन ठाकोर और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के अहंकार को दर्शाता है और यह बनासकांठा की जनता और महिलाओं का अपमान है। उन्होंने जगदीश विश्वकर्मा को ‘धृतराष्ट्र’ की मानसिकता वाला व्यक्ति बताया और उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ लड़ने की चुनौती दी। कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी इस बयान की निंदा की और विश्वकर्मा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, पर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। देखना होगा कि आगे क्या होता है।
इस पूरे घटनाक्रम से राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है, और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं। अब देखना यह है कि इस विवाद का असर आने वाले चुनावों पर क्या पड़ता है। क्या यह मुद्दा भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित होगा, या कांग्रेस इसे भुनाने में सफल रहेगी? यह तो वक्त ही बताएगा। — और ये बात अहम है — राजनीति में ऐसे मुद्दे अक्सर उठते रहते हैं, और इनका चुनावों पर असर भी पड़ता है।
🔍 खबर का विश्लेषण
राहुल गांधी का यह हमला भाजपा के लिए एक चुनौती है। खासकर तब, जब पार्टी महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है। इस विवाद का असर गुजरात और राष्ट्रीय स्तर पर चुनावों पर पड़ सकता है। कांग्रेस इसे एक अवसर के रूप में देख सकती है, लेकिन भाजपा को भी नुकसान नियंत्रण के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे। इस मुद्दे पर और भी राजनीतिक बयान आने की संभावना है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ राहुल गांधी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है?
राहुल गांधी ने भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘नारी वंदन’ सिर्फ एक दिखावा है और असलियत में वे महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं।
❓ जगदीश विश्वकर्मा ने क्या बयान दिया था?
जगदीश विश्वकर्मा ने बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गेनीबेन ठाकोर की ‘साड़ी के पल्लू’ से सत्ता छीनने की बात कही थी, जिस पर विवाद हो गया।
❓ गेनीबेन ठाकोर ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
गेनीबेन ठाकोर ने इस बयान को बनासकांठा की जनता और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने जगदीश विश्वकर्मा को ‘धृतराष्ट्र’ की मानसिकता वाला व्यक्ति कहा।
❓ विश्वकर्मा ने अपने बयान पर क्या सफाई दी?
विश्वकर्मा ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उनका इरादा किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी केवल राजनीतिक थी।
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Published: 02 मई 2026 | HeadlinesNow.in

