📅 20 जुलाई 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विजय पारधी को पार्टी कार्यक्रम में जान से मारने की धमकी और जातिसूचक गालियां मिलीं।
- पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे सहित पांच कांग्रेस नेताओं के खिलाफ बैतूल में नामजद FIR दर्ज की गई है।
📋 इस खबर में क्या है
सोमवार, 20 जुलाई 2026, बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल में कांग्रेस के एक आंतरिक कार्यक्रम में हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। पार्टी के ‘संगठन सृजन कार्यक्रम’ के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पारधी के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। यह घटना कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान को फिर से उजागर करती है, जो `राष्ट्रीय` स्तर पर पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, विजय पारधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया, ‘तुझे यहीं गाड़ देंगे, तू बहुत होशियार बन रहा है।’ यह सब उस समय हुआ जब पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कांग्रेस अपने ही घर को संभाल पा रही है?
क्या हुआ था उस दिन?
यह पूरा मामला 18 जुलाई को शहर के जैन दादावाड़ी परिसर में हुआ था। ‘संगठन सृजन कार्यक्रम’ चल रहा था और पार्टी के कई बड़े नेता वहां मौजूद थे। विजय पारधी ने अपनी शिकायत में बताया कि जैसे ही वह कार्यक्रम में पहुंचे, कांग्रेस नेता और अधिवक्ता नवनीत मालवीय ने उन्हें देखते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, नवनीत मालवीय, मनोज मालवे, सलमान खान और उनके एक अन्य साथी ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद दो लोगों ने उन्हें धक्का दिया।
पारधी का कहना है कि सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया गया। पहले एक युवक ने धक्का मारा, फिर नवनीत मालवीय ने उनकी गर्दन पकड़ी और धमकाते हुए धक्का दिया। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को किसी तरह शांत कराया। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई, इस घटना का एक वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में घटना की कुछ झलकियां साफ दिख रही हैं। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के वापस लौटते समय विजय पारधी ने उन्हें शॉल ओढ़ाई और युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के अच्छे कामों की तारीफ की। बस, यहीं से विवाद शुरू हो गया। कई नेता वहां मौजूद थे, और जैसे ही पारधी ने यह बात कही, नवनीत मालवीय उनसे कहते सुनाई दिए, ‘तुमने जो ये बातें कही हैं, वहां 500 लोग थे।’ इसके बाद सभी कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे। मालवीय फिर कहते हैं, ‘तू सुन… हम नामर्द नहीं हैं।’ इसके तुरंत बाद विजय पारधी के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है।
वीडियो में साफ दिखता है कि एक युवा नेता तेजी से आता है और विजय पारधी को जोरदार धक्का मारता है, जिससे वे लड़खड़ा जाते हैं। फिर वे खुद को संभालते हैं। इसके बाद मालवीय उनका गला पकड़ते हैं, धक्का देते हैं और धमकाते नजर आते हैं। एक और युवक भी उन्हें धक्का देता है। यह स्थिति दिखाती है कि पार्टी के भीतर मतभेद कितने गहरे हैं और कैसे छोटी सी बात पर हिंसा का रूप ले लेते हैं।
आरोपियों की सफाई और पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जितना इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता मनोज मालवे ने इसे ‘पार्टी के भीतर का मामला’ बताया और कहा कि इसे आपस में बैठकर सुलझा लिया जाएगा। नवनीत मालवीय से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डहरिया ने बताया कि विजय पारधी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब घटना से जुड़े वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है। वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आंतरिक कलह निश्चित रूप से `राष्ट्रीय` राजनीति में कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह घटना कांग्रेस के भीतर की गहरी गुटबाजी को उजागर करती है, खासकर स्थानीय स्तर पर। ऐसे सार्वजनिक विवाद न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि एकजुटता के प्रयासों को भी कमजोर करते हैं, खासकर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बहुत तेज है। यह कार्यकर्ताओं के मनोबल पर नकारात्मक असर डालेगा और `राष्ट्रीय` स्तर पर पार्टी के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ बैतूल में कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद कब और क्यों हुआ?
यह विवाद 18 जुलाई को बैतूल के जैन दादावाड़ी परिसर में ‘संगठन सृजन कार्यक्रम’ के दौरान हुआ। ब्लॉक अध्यक्ष विजय पारधी ने किसी युवा नेता की तारीफ की, जिससे कुछ अन्य नेता भड़क गए और विवाद शुरू हो गया।
❓ विजय पारधी के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं?
पारधी ने शिकायत की है कि उन्हें कार्यक्रम में नवनीत मालवीय, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और अन्य लोगों ने घेरा, जातिसूचक गालियां दीं, धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी।
❓ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है। घटना से जुड़े वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
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Published: 20 जुलाई 2026 | HeadlinesNow.in

