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पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में गिनाई रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि

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राजनीति
📅 26 जुलाई 2026 | HeadlinesNow Desk
पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में गिनाई रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि - HeadlinesNow Hindi News

🔑 मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में INS महेंद्रगिरि और पिनाका LRGR-120 को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।
  • पीएम ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

क्या आप जानते हैं कि एक दशक पहले तक भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातक देशों में शुमार था? आज, यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में इसी बदलती हुई तस्वीर पर रोशनी डाली, जहाँ उन्होंने भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की शानदार उपलब्धियों का जिक्र किया। यह सिर्फ एक रेडियो संबोधन नहीं था, बल्कि देश की सेनाओं के पराक्रम और तकनीकी कौशल का उत्सव मनाने का एक अवसर था।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुँचा रहा है। उनका यह बयान भारत की उस महत्वाकांक्षी यात्रा को रेखांकित करता है जिसमें हम आयात पर निर्भरता कम करके खुद के दम पर खड़े होने का संकल्प लेकर चल रहे हैं। इस पहल का सीधा संबंध देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।

रक्षा में आत्मनिर्भर भारत: एक नया अध्याय

इस संबोधन में, पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना में हाल ही में शामिल किए गए INS महेंद्रगिरि को भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का एक चमकता उदाहरण बताया। उन्होंने गर्व से कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत पूरी तरह से भारत में डिज़ाइन और निर्मित किया गया है, और तो और, इसमें 75 प्रतिशत से भी अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि हमारे इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और श्रमिकों की कड़ी मेहनत और भारत की निर्माण शक्ति का प्रमाण है। यह युद्धपोत हमारी समुद्री सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा।

समुद्री शक्ति और मारक क्षमता का प्रदर्शन

जल के साथ-साथ थल सेना की मारक क्षमता में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) की सफलता पर भी प्रकाश डाला। यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक आधुनिक और सटीक निशाना लगाने वाली आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है। उन्होंने इस सफलता के पीछे देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत को सराहा। — और ये बात अहम है — पिनाका LRGR-120 की मारक क्षमता 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर तक बताई गई है, जो इसे लंबी दूरी से दुश्मन के ठिकानों को भेदने में अत्यंत प्रभावी बनाती है। यह हमारी सेना को युद्ध के मैदान में एक अहम बढ़त प्रदान करेगा। क्षमताओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, उन्होंने खुशा मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण का भी जिक्र किया। ऐसे निरंतर प्रयास भारत को रक्षा क्षेत्र में वैश्विक पटल पर एक अग्रणी शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कारगिल का स्मरण और सैनिकों का सम्मान

अपने पूरे संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है और यह सशस्त्र बलों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। भारत की यह राजनीति हमेशा से ही अपने सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के वीर जवानों का त्याग और पराक्रम हमेशा हमें प्रेरणा देता रहेगा, और उनकी कुर्बानियाँ कभी भुलाई नहीं जा सकतीं। यह देश के मनोबल को बढ़ाने और युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का एक प्रबल संदेश था।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन सिर्फ उपलब्धियाँ गिनाने तक सीमित नहीं था। यह एक सशक्त संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा के प्रति कोई समझौता नहीं करेगा और अपनी ताकत बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। स्वदेशीकरण की यह लहर सिर्फ सैन्य उपकरणों तक सीमित नहीं, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के बृहत्तर विजन का एक अभिन्न अंग है, जो देश को हर क्षेत्र में मजबूत बनाने का लक्ष्य रखता है। यह स्पष्ट है कि भारत अब एक नए आत्मविश्वास के साथ अपनी राह पर आगे बढ़ रहा है।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह भाषण सिर्फ उपलब्धियां गिनाने का मंच नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट संकेत था कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। स्वदेशी तकनीक का विकास भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा है, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को रक्षा क्षेत्र में मिली बड़ी सफलता है, जिससे देश के मनोबल को भी मजबूती मिलती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में रक्षा क्षेत्र की कौन सी उपलब्धियां गिनाईं?

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वदेशी निर्मित INS महेंद्रगिरि युद्धपोत, DRDO द्वारा विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) और खुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का विशेष उल्लेख किया।

❓ INS महेंद्रगिरि की क्या खासियत है?

INS महेंद्रगिरि भारत में ही डिज़ाइन और निर्मित एक आधुनिक युद्धपोत है। इसमें 75 प्रतिशत से ज़्यादा स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो हमारी समुद्री सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा करता है।

❓ पिनाका LRGR-120 क्यों महत्वपूर्ण है?

पिनाका LRGR-120 DRDO द्वारा विकसित एक सटीक निशाना लगाने वाली आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है, जिसकी मारक क्षमता 60 से 120 किलोमीटर तक है। यह लंबी दूरी पर दुश्मन के ठिकानों को भेदने में सक्षम है।

❓ प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस का भी जिक्र क्यों किया?

प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर 1999 के युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश के जवानों के त्याग और पराक्रम को याद किया, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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Published: 26 जुलाई 2026 | HeadlinesNow.in

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Journalist covering politics and technology.
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