📅 03 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- ट्रंप ने मैक्रों पर उनकी पत्नी के साथ संबंधों को लेकर तंज कसा, जिससे दोनों नेताओं के बीच तनाव बढ़ गया।
- मैक्रों ने ट्रंप को ‘गंभीर’ होने की सलाह दी और ईरान, नाटो जैसे मुद्दों पर मतभेदों को लेकर अपनी असहमति जताई।
📋 इस खबर में क्या है
फ्रांस और अमेरिका के रिश्ते, एक बार फिर, सुर्खियों में हैं। वजह हैं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर उनकी पत्नी को लेकर टिप्पणी की है। ट्रंप ने एक प्राइवेट लंच के दौरान कहा कि मैक्रों अभी भी उस ‘थप्पड़’ से उबर रहे हैं, जो उनकी पत्नी ने उन्हें मारा था। ट्रंप ने यह भी कहा कि मैक्रों की पत्नी उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती हैं।
ट्रंप के बयान पर मैक्रों का जवाब
ट्रंप की यह टिप्पणी पिछले साल मई में वियतनाम दौरे के दौरान हुई एक घटना से जुड़ी है। हनोई के नोई बाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मैक्रों की पत्नी को उन्हें थप्पड़ मारते हुए देखा गया था। बस एक बात — मैक्रों ने इस वीडियो पर सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया ने गलत समझा था। लेकिन ट्रंप ने इस मौके को नहीं छोड़ा और मैक्रों पर तंज कस दिया।
ट्रंप के मजाक के कुछ घंटों बाद, मैक्रों का जवाब आया। उन्होंने कहा कि ‘हमें गंभीर रहना चाहिए। एक दिन कुछ और, अगले दिन कुछ और नहीं कहना चाहिए। बेहतर है कि हर दिन बयान देने के बजाय हालात को शांत करें और स्थायी शांति पर ध्यान दें।’ मैक्रों का यह जवाब ट्रंप की असंवेदनशील टिप्पणियों पर एक सीधा प्रहार था।
ईरान और नाटो पर मतभेद
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने मैक्रों पर निशाना साधा है। ईरान के खिलाफ जंग में फ्रांस का साथ न देने से ट्रंप पहले से ही नाराज हैं। उन्होंने लंच के दौरान कहा कि उन्होंने मैक्रों से खाड़ी क्षेत्र में मदद मांगी थी और जहाज भेजने को कहा था, लेकिन मैक्रों ने मना कर दिया। ट्रंप ने नाटो को भी कमजोर संगठन बताया है। उनका कहना है कि अगर कोई बड़ा युद्ध हुआ तो नाटो काम नहीं आएगा। ट्रंप नाटो देशों से इस बात पर भी नाराज हैं कि कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि ट्रंप के ये बयान अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों को दर्शाते हैं।
मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट, उनसे 24 साल बड़ी हैं। दोनों की मुलाकात 1992 में हुई थी, जब मैक्रों 15 साल के थे और ब्रिगिट उनकी टीचर थीं। उनके रिश्ते की शुरुआत एक स्कूल ड्रामा क्लब में हुई, जहां दोनों ने एक साथ काम किया। मैक्रों के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने मैक्रों को पेरिस भेज दिया था, लेकिन उनका प्यार बरकरार रहा।
आगे क्या होगा?
ट्रंप और मैक्रों के बीच यह वाकयुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां असामान्य नहीं हैं, लेकिन वे दो देशों के संबंधों को तनावपूर्ण बना सकती हैं। फिलहाल, यह देखना होगा कि मैक्रों और ट्रंप के बीच यह तनाव आगे क्या रूप लेता है। लेकिन यह साफ़ है कि दोनों नेताओं के बीच रिश्ते सहज नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ़ ट्रंप का अपना तरीका है ध्यान आकर्षित करने का। असल में, इसका कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय असर नहीं होगा।
🔍 खबर का विश्लेषण
ट्रंप का मैक्रों पर तंज और मैक्रों का पलटवार, दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और नीतिगत मतभेदों को उजागर करता है। यह घटना अमेरिका और फ्रांस के संबंधों में और खटास ला सकती है, खासकर ईरान और नाटो जैसे मुद्दों पर। आने वाले समय में इन दोनों देशों के बीच संबंध कैसे आगे बढ़ते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ ट्रंप ने मैक्रों पर क्या टिप्पणी की?
ट्रंप ने मैक्रों पर उनकी पत्नी को लेकर तंज कसा और कहा कि मैक्रों अभी भी उस ‘थप्पड़’ से उबर रहे हैं, जो उनकी पत्नी ने उन्हें मारा था।
❓ मैक्रों ने ट्रंप के तंज पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मैक्रों ने ट्रंप को ‘गंभीर’ होने की सलाह दी और कहा कि हर दिन बयान देने के बजाय हालात को शांत करने और स्थायी शांति पर ध्यान देना चाहिए।
❓ ट्रंप और मैक्रों के बीच और क्या मतभेद हैं?
ईरान के खिलाफ जंग में फ्रांस का साथ न देने और नाटो को लेकर भी ट्रंप और मैक्रों के बीच मतभेद हैं।
❓ ब्रिगिट मैक्रों और इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात कैसे हुई?
ब्रिगिट और इमैनुएल की मुलाकात 1992 में हुई थी जब ब्रिगिट, इमैनुएल की टीचर थीं। उनके रिश्ते की शुरुआत एक स्कूल ड्रामा क्लब में हुई।
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Published: 03 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

