📅 22 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- सड़कों को वैज्ञानिक तरीके से बनाने के लिए मोबाइल ऐप से सर्वे किया जा रहा है।
- शहरों के बाहर से निकलने वाले रास्ते (बायपास) और इंडस्ट्रियल इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- GIS आधारित बजट मॉड्यूल से योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और दोहराव नहीं होगा।
📋 इस खबर में क्या है
भोपाल। मध्यप्रदेश की सड़कें बदलने वाली हैं। गांवों को शहरों से जोड़ने का काम तेज़ी से चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की तरक्की का अहम हिस्सा मानते रहे हैं। अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़कें अच्छी होंगी, तो लोगों का जीवन भी बेहतर होगा।
राज्य सरकार ने ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ का नारा दिया है। इसका मतलब है, सड़कें बनाने का काम लोगों की भलाई के लिए है। इससे लोगों को सुविधा होगी और प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। अब ये कैसे होगा, आईये समझते हैं।
सड़कें बनेंगी एकदम ‘साइंस’ के हिसाब से
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते हैं कि सड़कों का काम एकदम वैज्ञानिक तरीके से हो। तभी तो , सड़कों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा रहा है। साथ ही, पूरे रोड नेटवर्क को और भी बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी बनाया गया है, जिसका नाम है “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल एप”। इस ऐप से प्रदेश की 71 हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा सड़कों का सर्वे किया जा चुका है। लगभग 3 हज़ार बिल्डिंगों और 1400 से ज़्यादा पुलों की भी जानकारी जुटाई गई है।
इस डिजिटल डेटा से सरकार को पता चल गया है कि कौन सी सड़क कैसी है। अब योजनाएं बनाने में आसानी होगी। कहां पुल की ज़रूरत है, कहां सड़क चौड़ी करनी है, ये सब जानकारी इस ऐप से मिल जाएगी।
यह बड़ी बात है।
रोड नेटवर्क मास्टर प्लान: अब सफ़र होगा आसान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और पहल की है। उन्होंने पूरे प्रदेश के लिए एक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान बनवाया है। इस योजना के तहत शहरों के बाहर से निकलने वाले रास्ते (बायपास) बनाए जाएंगे। जो इंडस्ट्रियल इलाके हैं, उनको भी अच्छी सड़कों से जोड़ा जाएगा। और जो ज़िले हैं, उनके मुख्यालयों के बीच भी सड़क संपर्क को मज़बूत किया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्ग भी बना रही है। इससे कई इलाकों में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। लोगों को कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में मदद मिलेगी।
अब बात करते हैं राजनीति की। चुनावों में सड़कें हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रही हैं। जिस सरकार ने सड़कें बनवाईं, लोगों ने उसे पसंद किया।
टेक्नोलॉजी का कमाल: सब कुछ होगा ऑनलाइन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते हैं कि सब कुछ पारदर्शी हो। बस इसी वजह से , लोक निर्माण विभाग ने GIS आधारित बजट मॉड्यूल शुरू किया है। अब हर सड़क का प्रस्ताव डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाएगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि वह सड़क पहले से बजट में है या नहीं। इससे ये भी पता चल जाएगा कि वह सड़क किसी और विभाग के अंतर्गत तो नहीं आती है। इस सिस्टम से योजनाओं में दोहराव नहीं होगा। और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने में आसानी होगी।
लोकपथ 2.0 नाम का एक मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है। यह ऐप लोगों को बताएगा कि कौन सा रास्ता अच्छा है, कहां टोल टैक्स लगेगा, कहां पेट्रोल पंप है, और कहां पर दुर्घटना होने की संभावना है। यह ऐप सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
सरकार निर्माण कार्यों की क्वालिटी पर भी पूरा ध्यान दे रही है। पिछले 13 महीनों में 875 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिनमें गड़बड़ी मिली, उन 25 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) के ज़रिये योजना से लेकर पेमेंट तक, सब कुछ डिजिटल किया जा रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए भी सरकार कई काम कर रही है।
ज़ाहिर है, मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की ये कोशिशें प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी।
🔍 खबर का विश्लेषण
मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस सराहनीय है। चुनाव के नज़दीक आते ही, जनता को विकास का संदेश देना ज़रूरी है। देखना होगा कि इन योजनाओं को ज़मीन पर कितनी जल्दी उतारा जाता है। 2026 में चुनाव है और राजनीति में वादे पूरे करने का दबाव हमेशा रहता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप क्या है?
यह एक ऐप है जिससे प्रदेश की सड़कों, बिल्डिंगों और पुलों का सर्वे किया जा रहा है। इससे सरकार को पता चलता है कि कहां क्या सुधार करना है।
❓ रोड नेटवर्क मास्टर प्लान का क्या फायदा होगा?
इससे शहरों के बाहर से निकलने वाले रास्ते (बायपास) बनेंगे, इंडस्ट्रियल इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और ज़िलों के बीच सड़क संपर्क मज़बूत होगा।
❓ GIS आधारित बजट मॉड्यूल से क्या फायदा होगा?
इससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। पता चलेगा कि कौन सी सड़क पहले से बजट में है या नहीं। इससे योजनाओं में दोहराव नहीं होगा।
❓ लोकपथ 2.0 ऐप क्या करता है?
यह ऐप लोगों को बताता है कि कौन सा रास्ता अच्छा है, कहां टोल टैक्स लगेगा, कहां पेट्रोल पंप है, और कहां पर दुर्घटना होने की संभावना है।
❓ सरकार निर्माण कार्यों की क्वालिटी कैसे सुनिश्चित करेगी?
सरकार निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी। अगर गड़बड़ी मिली, तो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
📰 और पढ़ें:
हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए HeadlinesNow.in को बुकमार्क करें।
Published: 22 अप्रैल 2026 | HeadlinesNow.in

