📅 12 जुलाई 2026 | HeadlinesNow Desk
🔑 मुख्य बातें
- ट्विटर के पूर्व CEO पराग अग्रवाल ने अपनी AI कंपनी Parallel Web Systems बनाई, जो रियल-टाइम इंटरनेट रिसर्च करने वाले AI एजेंट्स पर काम करती है।
- गूगल के पूर्व कर्मचारी सलाहुद्दीन अब्दुल-काफी ने लाखों की नौकरी छोड़कर हलाल BBQ रेस्टोरेंट खोला, जो टेक्सास में काफी मशहूर हो गया है।
📋 इस खबर में क्या है
भई वाह! नौकरी जाने के बाद भी कुछ लोग कमाल कर दिखाते हैं। ट्विटर के पूर्व CEO पराग अग्रवाल की कहानी कुछ ऐसी ही है। साल 2022 में जब एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा, तो पराग को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। लेकिन पराग चुप बैठने वालों में से नहीं थे। उन्होंने इस झटके को एक मौके में बदला और अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी खड़ी कर दी। यह एक ऐसी कंपनी है जो दुनिया को एक नई दिशा दे सकती है।
आपको बता दें, पराग अग्रवाल ने 2023 में ‘पैरेलल वेब सिस्टम्स इंक’ (Parallel Web Systems Inc) नाम से अपनी कंपनी शुरू की। ये कंपनी AI एजेंट्स के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रही है, जो इंसानों की तरह ही कई तरह के काम खुद कर सकते हैं। आमतौर पर AI सिर्फ पुराने डेटा पर काम करते हैं, लेकिन पराग की कंपनी ऐसे खास टूल बना रही है जिससे AI सीधे इंटरनेट पर जाकर नई और ताज़ा जानकारी ढूंढ सके और मुश्किल काम भी आसानी से कर ले। ये तो एक बहुत बड़ी बात है, क्योंकि इससे AI की दुनिया में क्रांति आ सकती है।
पराग की शिक्षा की बात करें तो, उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया है। फिर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस और पीएचडी की डिग्री भी हासिल की। ये बताता है कि उनकी नींव कितनी मजबूत है। उनकी कंपनी, दो साल में ही 19 हज़ार करोड़ रुपये कमा चुकी है – ये आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है।
पराग अग्रवाल की नई उड़ान: AI की दुनिया में वापसी
सिर्फ पराग ही नहीं, एक और शख्स हैं जिनकी कहानी आजकल खूब चर्चा में है। ये हैं गूगल के पूर्व कर्मचारी सलाहुद्दीन अब्दुल-काफी। उन्होंने तो करोड़ों की सालाना नौकरी छोड़कर अपना रेस्टोरेंट खोल लिया और अब अमेरिका के टेक्सास में उनका ‘हलाल बार्बेक्यू’ (BBQ) रेस्टोरेंट खूब नाम कमा रहा है।
सलाहुद्दीन ने बताया कि उन्हें टेक इंडस्ट्री से मन भर गया था। उन्हें महसूस हुआ कि वहां सिर्फ पैसे कमाने पर ध्यान है, लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने पर नहीं। यही वजह थी कि उन्होंने गूगल की अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी। इससे पहले वो माइक्रोसॉफ्ट, यूट्यूब और क्रूज जैसी बड़ी कंपनियों में 14 साल तक काम कर चुके थे। उनकी उम्र अभी सिर्फ 35 साल है।
सलाहुद्दीन को खाना बनाने का बहुत शौक था। वो अक्सर दोस्तों को डिनर पर बुलाते और बार्बेक्यू बनाते थे। दोस्तों को उनका खाना इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा, ऐसा स्वाद कहीं और नहीं। इसी तारीफ ने उन्हें रेस्टोरेंट खोलने का आइडिया दिया। दिसंबर 2024 में उन्होंने ‘काफी BBQ’ (Kafi BBQ) नाम से अपना रेस्टोरेंट खोला। शुरुआत इतनी जबरदस्त रही कि तीन दिन का स्टॉक पहले ही दिन खत्म हो गया! आप सोचिए, यह कितनी बड़ी बात है।
गूगल छोड़ा, बिरयानी बेची: सलाहुद्दीन की अनोखी कहानी
रेस्टोरेंट खोलने में सलाहुद्दीन को करीब 8.4 करोड़ रुपये का खर्च आया। कमाल की बात ये है कि इतनी कमाई के बाद भी उन्होंने रेस्टोरेंट से खुद के लिए एक भी रुपया सैलरी नहीं ली है। वो अपनी पुरानी बचत से ही खर्च चला रहे हैं। ये उनकी ईमानदारी और जुनून को दिखाता है। ये कहानियां हमें शिक्षा देती हैं कि सिर्फ डिग्री या बड़ी नौकरी ही सब कुछ नहीं होती, बल्कि जुनून और हिम्मत भी हमें बहुत आगे ले जा सकती है।
ये कहानियां हमें क्या सिखाती हैं?
ये दोनों कहानियां बताती हैं कि जब आप अपनी राह खुद बनाते हैं, तो सफलता मिलना तय है। चाहे वो ट्विटर के पूर्व CEO पराग अग्रवाल हों या गूगल के पूर्व इंजीनियर सलाहुद्दीन अब्दुल-काफी, इन दोनों ने दिखाया कि मुश्किल हालात में भी अगर हिम्मत और कुछ नया करने का जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी मौके में बदला जा सकता है। आज के युवाओं के लिए ये एक बड़ी प्रेरणा है कि सिर्फ नौकरी के पीछे भागने के बजाय, अपने सपनों को पूरा करने की भी सोचें। यही तो असली शिक्षा है।
🔍 खबर का विश्लेषण
ये दोनों कहानियां बताती हैं कि दृढ़ संकल्प और कुछ नया करने का जुनून हमें किसी भी मुश्किल से बाहर निकाल सकता है। आज के दौर में पारंपरिक नौकरी से हटकर भी सफलता के कई रास्ते हैं। इन कहानियों से युवा उद्यमियों को प्रेरणा मिल सकती है कि वे अपने आइडिया पर भरोसा करें और चुनौतियों से घबराएं नहीं, क्योंकि अक्सर बड़े बदलाव ऐसे ही शुरू होते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ पराग अग्रवाल की नई कंपनी ‘पैरेलल वेब सिस्टम्स’ क्या करती है?
यह कंपनी AI एजेंट्स के लिए ऐसा बुनियादी ढांचा बनाती है, जिससे AI सीधे इंटरनेट पर जाकर नई जानकारी ढूंढ सके और जटिल काम खुद कर सके, जो सामान्य AI सिस्टम से अलग है।
❓ सलाहुद्दीन अब्दुल-काफी ने गूगल की नौकरी क्यों छोड़ी?
सलाहुद्दीन को टेक इंडस्ट्री में सिर्फ पैसे कमाने का एहसास होने लगा था, जबकि उनका मानना था कि काम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
❓ क्या ये कहानियां आम लोगों के लिए प्रेरणा हैं?
बिल्कुल! ये दोनों कहानियां दिखाती हैं कि नौकरी जाने या बदलने के बाद भी, अगर आपके अंदर कुछ नया करने का जज्बा और हिम्मत हो, तो आप अपने दम पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
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Published: 12 जुलाई 2026 | HeadlinesNow.in

